
देहरादून,: देहरादून में सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) को बेहतर बनाने और ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा बदलाव किया गया है। अब शहर में सिटी बसों का संचालन नवगठित ‘देहरादून सिटी ट्रांसपोर्ट लिमिटेड’ (DCTL) द्वारा किया जाएगा। इसके लिए स्पेशल पर्पज व्हीकिल (SPV) के तहत डीसीटीएल का गठन कर दिया गया है। मुख्य सचिव ने इसी माह कंपनी के पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने और जनवरी में बोर्ड बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
क्या है डीसीटीएल का प्लान?
अपर परिवहन आयुक्त एसके सिंह ने बताया कि डीसीटीएल का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में एकीकृत परिवहन सेवा उपलब्ध कराना है।
- मौजूदा स्थिति: वर्तमान में स्मार्ट सिटी की जो 30 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं, उनकी जिम्मेदारी भी अब डीसीटीएल संभाल सकता है।
- भविष्य की तैयारी: प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत देहरादून को मिलने वाली 100 नई ई-बसों का संचालन डीसीटीएल ही करेगा।
- सीएनजी बसें: जीसीसी (ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट) मॉडल के तहत 50 सीएनजी बसों को संचालित करने की भी योजना है।
कौन संभालेगा कमान? (बोर्ड का ढांचा)
डीसीटीएल के प्रभावी संचालन के लिए एक उच्च स्तरीय बोर्ड का गठन किया गया है। संस्था का कार्यालय परिवहन आयुक्त कार्यालय के भवन में होगा।
- अध्यक्ष: परिवहन सचिव।
- निदेशक व CEO: रोडवेज (परिवहन निगम) के प्रबंध निदेशक।
- बोर्ड के निदेशक सदस्य: परिवहन आयुक्त (या अपर परिवहन आयुक्त), देहरादून के जिलाधिकारी (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), एमडीडीए उपाध्यक्ष, रोडवेज जीएम, आरटीओ (प्रशासन) और नगर आयुक्त।
- विशेष आमंत्रित सदस्य: परिवहन विशेषज्ञ और अन्य संचालक।
हरिद्वार और हल्द्वानी में भी लागू होगा मॉडल
देहरादून में इस व्यवस्था के सफल होने के बाद इसे राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी लागू किया जाएगा। परिवहन विभाग की योजना के अनुसार, आने वाले समय में हरिद्वार और हल्द्वानी में भी इसी तर्ज पर एसपीवी (SPV) के माध्यम से सिटी बसों का संचालन किया जाएगा, ताकि वहां भी ट्रैफिक और परिवहन व्यवस्था सुधर सके।
