
देहरादून। दर्शन लाल चौक स्थित अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, देहरादून पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने छह महीने के लिए कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं। 10 फरवरी 2026 को कारोबार बंद होने के बाद से बैंक बिना RBI की पूर्व लिखित अनुमति के कोई नया ऋण/अग्रिम नहीं देगा, निवेश नहीं करेगा, धन उधार नहीं लेगा, नई जमा स्वीकार नहीं करेगा और किसी भी प्रकार का भुगतान/समझौता नहीं करेगा। साथ ही बैंक अपनी संपत्तियों की बिक्री या हस्तांतरण भी नहीं कर सकेगा।
RBI के आदेश के बाद मंगलवार को बड़ी संख्या में खाताधारक बैंक पहुंचे और हंगामा किया। आरोप है कि मौके पर बैंक अधिकारी उपलब्ध नहीं थे, जिसके बाद खाताधारकों ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी पहुंची।
9 हजार खाताधारक प्रभावित, 30-35 करोड़ रुपये अटके
बताया जा रहा है कि बैंक के करीब 9 हजार खाताधारक इस कार्रवाई से प्रभावित हुए हैं। नगर निगम के लगभग 50 ठेकेदारों के खाते इसी बैंक में हैं, जिनके करीब 30 से 35 करोड़ रुपये के लेनदेन पर रोक लग गई है। बैंक प्रबंधन के अनुसार कुल मिलाकर करीब 98 करोड़ रुपये के लेनदेन पर प्रतिबंध प्रभावी हुआ है।
खाताधारकों का कहना है कि वर्ष 2013-14 में हुए करीब 38 करोड़ रुपये के कथित घोटाले का ऑडिट अब सामने आने के बाद यह कार्रवाई हुई है। उनका आरोप है कि 11 फरवरी को पहले दो दिन की रोक की बात कही गई थी, लेकिन बाद में जारी सर्कुलर में छह माह की पाबंदी स्पष्ट हुई, जिससे ठेकेदारों और आम जमाकर्ताओं के सामने वित्तीय संकट खड़ा हो गया है।
RBI का बयान
RBI के चीफ जनरल मैनेजर बृज राज की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि बैंक की मौजूदा नकदी स्थिति और हालिया घटनाक्रमों से उत्पन्न पर्यवेक्षी चिंताओं के मद्देनजर जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा के लिए ये निर्देश आवश्यक हैं।
निर्देशों के तहत:
- बचत/चालू खातों से निकासी की अनुमति नहीं होगी (निर्दिष्ट शर्तों के अधीन जमा के बदले ऋण समायोजन संभव)।
- बैंक आवश्यक मदों—जैसे कर्मचारियों के वेतन, किराया, बिजली बिल—पर सीमित व्यय कर सकेगा।
RBI ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों को बैंकिंग लाइसेंस रद्द करना नहीं समझा जाए। बैंक अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार होने तक प्रतिबंधों के अधीन सीमित बैंकिंग कार्य जारी रख सकेगा। केंद्रीय बैंक स्थिति की निगरानी करता रहेगा और जमाकर्ताओं के हित में आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।
फिलहाल खाताधारक अपनी जमा राशि के अटकने से परेशान हैं और प्रशासन से त्वरित समाधान की मांग कर रहे हैं।
