
देहरादून। चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तराखंड की धामी सरकार का मंत्रिमंडल पूरी तरह से भर गया है। दूसरे नवरात्र के शुभ अवसर पर रिक्त चल रहे पांचों पदों पर नए मंत्रियों ने शपथ ली। इस विस्तार के साथ ही भाजपा ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। अब यह तय हो गया है कि अगला चुनावी रण भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा।
खबर का सार (In Short)
धामी मंत्रिमंडल में खाली चल रहे 5 पदों को भर दिया गया है। इस विस्तार ने राज्य की राजनीति में दो बड़े संदेश दिए हैं: पहला, 2027 के चुनावों में धामी ही भाजपा का चेहरा होंगे। दूसरा, पार्टी अब मिशन मोड में है। इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब कोई सीएम अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा करने के साथ लगातार दूसरी बार पार्टी को चुनाव में लीड करेगा।
राजनीतिक मायने और भाजपा की रणनीति:
- मिथक तोड़ने की तैयारी: 2022 में भाजपा ने सत्ता परिवर्तन का मिथक तोड़ा था, और अब 2027 में भी जीत हासिल कर इतिहास रचने की तैयारी है।
- नेतृत्व पर मुहर: कैबिनेट विस्तार ने उन तमाम चर्चाओं पर पूर्णविराम लगा दिया है जो बीते कुछ समय से नेतृत्व को लेकर चल रही थीं। अब साफ है कि भाजपा पूरी तरह धामी के चेहरे पर ही दांव खेलेगी।
- मिशन 2027 की स्पष्ट तस्वीर: विधानसभा चुनावों में अभी करीब 10 महीने का समय शेष है। ऐसे में मंत्रिमंडल का पूर्ण होना प्रशासनिक कसावट और चुनावी तैयारियों के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
- राज्य में नया रिकॉर्ड: यह उत्तराखंड के इतिहास में पहला मौका होगा जब कोई मुख्यमंत्री अपना पूरा कार्यकाल खत्म करने के साथ ही दोबारा पार्टी की चुनावी कमान संभालेगा।
सरकार की ‘फुल टीम’ तैयार
बीते चार वर्षों से मंत्रिमंडल के पांच पद खाली रहने से राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज थीं। अब मंत्रिमंडल के सभी पदों के भर जाने के बाद सरकार के पास काम करने के लिए पूरी ‘टीम’ मौजूद है। माना जा रहा है कि अब सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनता से जुड़े फैसलों में और अधिक तेजी आएगी।
