
देहरादून: उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में पहली ‘फुल फ्लेज्ड’ कैबिनेट बैठक आयोजित हुई। सचिवालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में सरकार ने स्वरोजगार, महिला कल्याण, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कुल 16 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी है। कैबिनेट के इन फैसलों में सबसे ज्यादा ध्यान युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों पर केंद्रित रहा।
1. ‘वीर उद्यमी योजना’ और अग्निवीरों को बड़ा तोहफा
सरकार ने राज्य के पूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ‘वीर उद्यमी योजना’ और ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’ के तहत अब 10% कोटा पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए आरक्षित रहेगा। इसके अलावा, इन्हें उद्यम शुरू करने के लिए 5% अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जाएगी।
2. पुलिस भर्ती: आयु सीमा के कारण बाहर हुए युवाओं को राहत
कैबिनेट ने पुलिस विभाग (सिपाही, पीएसी, अग्निशमन और उप-निरीक्षक) की भर्ती नियमावली में संशोधन किया है। अब वे अभ्यर्थी जो आयु सीमा में बदलाव के कारण भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो गए थे, उन्हें दोबारा मौका दिया जाएगा। इस फैसले से प्रदेश के हजारों बेरोजगार युवाओं में खुशी की लहर है।
3. न्यायिक कर्मचारियों को ई-व्हीकल के लिए ‘सॉफ्ट लोन’
न्याय विभाग के कर्मचारियों के लिए सरकार ने विशेष सुविधा का ऐलान किया है। अब न्यायिक कर्मचारी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने के लिए 10 लाख रुपये तक का सॉफ्ट लोन ले सकेंगे, जिस पर उन्हें बहुत ही मामूली (नॉमिनल) ब्याज देना होगा।
4. मुफ्त बिजली योजना पर बड़ा अपडेट
ऊर्जा विभाग के प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कैबिनेट ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में बिजली सब्सिडी का लाभ फिलहाल 31 मार्च 2025 तक ही मिलेगा। इसके साथ ही सब्सिडी-वसूली एक्ट को भी मंजूरी दी गई है।
5. किसानों के लिए मंडी शुल्क में बराबरी
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के तहत राज्य में 2.2 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। किसानों के हित में फैसला लेते हुए सरकार ने तय किया है कि गेहूं और धान की खरीद पर जितना मंडी शुल्क केंद्र सरकार देती है, अब राज्य सरकार भी उतना ही मंडी शुल्क प्रदान करेगी।
6. होमगार्ड्स और कानून व्यवस्था
- होमगार्ड नियमावली 2025: उत्तराखंड होमगार्ड के लिए नई नियमावली को मंजूरी दी गई है।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS): नए कानूनों के लागू होने के बाद, पुलिस और संबंधित विभागों के प्रशिक्षण के लिए विशेष विशेषज्ञों की नियुक्ति को हरी झंडी दी गई है।
7. प्रशासनिक और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय:
- वन विभाग: मुख्य प्रशासनिक पदों के लिए सेवा अवधि को 25 साल से घटाकर 22 साल कर दिया गया है (कार्मिक विभाग की तर्ज पर)।
- शिक्षा: अशासकीय (एडेड) स्कूलों की व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति का गठन होगा।
- सेतु आयोग: राज्य की नीति निर्धारक संस्था ‘सेतु आयोग’ के ढांचे को मंत्रिमंडल ने स्वीकृति दे दी है।
- सत्रावसान: पंचम विधानसभा के वर्तमान सत्र के सत्रावसान के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है।
निष्कर्ष:
धामी कैबिनेट की यह पहली पूर्ण बैठक आगामी चुनावों और प्रदेश के विकास के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन फैसलों के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार का फोकस युवाओं के रोजगार और पूर्व सैनिकों के सम्मान पर है।
