
हरिद्वार। हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कुंभ से जुड़ी सभी स्थायी निर्माण परियोजनाएं अक्टूबर 2026 तक हर हाल में पूरी हो जानी चाहिए। इसी कड़ी में सरकार ने कुंभ के प्रबंधन और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है।
सीसीआर-2 में होगा हेलीपैड, बढ़ेगी निगरानी
मौजूदा मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) साल 2004 में बना था। तीर्थयात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए अब इसके पास ही आधुनिक सुविधाओं वाला ‘सीसीआर-2’ बनाया जाएगा।
- खासियत: इस नई इमारत की छत पर हेलीपैड होगा, ताकि आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू और मॉनिटरिंग आसान हो सके।
- बजट: इसके निर्माण के लिए 50.27 करोड़ मंजूर किए गए हैं, जिसकी पहली किश्त (20.11 करोड़) जारी हो चुकी है। यह सेंटर कुंभ के अलावा कांवड़ यात्रा और अन्य शाही स्नान उत्सवों के दौरान भीड़ प्रबंधन में ‘ब्रेन’ की तरह काम करेगा।
मानसून की मुसीबत खत्म: सुखी नदी पर बनेगा केबल आर्च ब्रिज
कंखल श्मशान घाट मार्ग पर सुखी नदी के पुराने पुल को हटाया जाएगा। मानसून में इस पुल पर अक्सर जलभराव और तेज बहाव से जान का खतरा बना रहता है। अब यहां 13.21 करोड़ की लागत से 44.80 मीटर लंबा दो-लेन का ‘केबल नेट आर्च ब्रिज’ बनेगा। इसमें पैदल चलने वालों के लिए अलग रास्ता होगा, जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कोई जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा। इसकी पहली किश्त के रूप में 5.28 करोड़ जारी कर दिए गए हैं।
मायापुर एस्केप चैनल पर बनेगा नया पुल
कुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन के लिए दक्षद्वीप और बैरागी कैंप के बीच सीधा जुड़ाव जरूरी है। इसे देखते हुए मायापुर एस्केप चैनल पर 60 मीटर लंबा स्टील गर्डर पुल बनाया जाएगा। इससे पार्किंग और कैंप क्षेत्र सीधे जुड़ जाएंगे। इस पर 12.46 करोड़ खर्च होंगे, जिसमें से 4.98 करोड़ की पहली किश्त मिल चुकी है।
मेला अधिकारी बोलीं- गुणवत्ता से समझौता नहीं
मेला अधिकारी सोनिका ने कहा कि इन प्रोजेक्ट्स का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में देरी न हो। निर्माण के बाद पुलों की मजबूती और सुरक्षा मानकों के परीक्षण के लिए ‘लोड टेस्ट’ और अन्य तकनीकी जांच समय पर पूरी की जाएंगी।
