
नई दिल्ली: भारत में गर्मी का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। मार्च का महीना खत्म होने को है और कई राज्यों में तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। ओडिशा में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है, जबकि उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस पार कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में हीटवेव (लू) चलने की संभावना है और लोगों को इसके प्रति सतर्क रहने की जरूरत है।
क्या होता है हीटवेव?
IMD के अनुसार, किसी क्षेत्र में तब हीटवेव मानी जाती है जब:
- मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो।
- तटीय क्षेत्रों में यह 37 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो।
- पहाड़ी क्षेत्रों में यह 30 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो।
- इसके अलावा, जब तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री या उससे अधिक बढ़ जाता है, तब इसे हीटवेव घोषित किया जाता है।
इस साल पड़ेगी भीषण गर्मी, IMD ने दी चेतावनी
IMD के ताजा अपडेट के मुताबिक, इस बार गर्मी का प्रकोप पिछले वर्षों की तुलना में अधिक रहेगा। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। मौसम वैज्ञानिक सोमा सेन रॉय ने बताया कि इस साल गर्मी के मौसम में उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और मध्य भारत में तापमान सामान्य से अधिक रहेगा।
उन्होंने कहा,
“आमतौर पर हीटवेव की अवधि 5-6 दिनों तक रहती है, लेकिन इस बार गर्मी के दिन 10 से 12 तक रहने की संभावना है, जो सामान्य से लगभग दोगुना है।”
दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में हीटवेव का खतरा बढ़ा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार देश के कई राज्यों में गर्मियों के चरम पर हीटवेव की स्थिति ज्यादा खतरनाक हो सकती है। ऊर्जा, पर्यावरण और जल परिषद (CEEW) की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस बार गर्मी के मौसम में दिल्ली-NCR सहित पूरे देश में लू वाले दिनों की संख्या में 15 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है।
किन राज्यों में पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
IMD की रिपोर्ट के अनुसार, इन राज्यों में हीटवेव का सबसे अधिक असर देखने को मिलेगा:
- उत्तर प्रदेश
- राजस्थान
- मध्य प्रदेश
- गुजरात
- महाराष्ट्र
- दिल्ली-NCR
- बिहार
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- ओडिशा
गर्मी से बचाव के लिए क्या करें?
हीटवेव से बचने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय और IMD ने कुछ ज़रूरी एहतियात बरतने की सलाह दी है:
✅ घर से बाहर निकलने से बचें, खासकर दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बीच।
✅ हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें ताकि शरीर ठंडा बना रहे।
✅ खूब पानी और तरल पदार्थ पिएं, ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके।
✅ गर्मी में कैफीन और शराब के सेवन से बचें, क्योंकि यह शरीर में पानी की कमी कर सकते हैं।
✅ बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
✅ अगर किसी को हीट स्ट्रोक (लू लगना) के लक्षण दिखें (चक्कर आना, सिर दर्द, उल्टी आना, बहुत ज्यादा पसीना आना या बेहोशी), तो तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें।
IMD की भविष्यवाणी: मानसून में हो सकती है देरी!
गर्मी के इस बढ़ते प्रकोप के बीच IMD ने मानसून को लेकर भी अनुमान जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस बार मानसून में थोड़ी देरी हो सकती है, जिससे मई और जून के महीनों में असामान्य रूप से अधिक गर्मी पड़ सकती है।