
देहरादून | उत्तराखंड की मशहूर ट्राउट मछली (Trout Fish) को दुबई भेजने की राज्य सरकार की योजना को शुरुआत में ही झटका लगा है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध और तनावपूर्ण हालातों को देखते हुए सरकार ने प्लान में बदलाव किया है। अब हर महीने 20 टन ट्राउट मछली दुबई की बजाय यूरोपीय देशों (Europe) में निर्यात की जाएगी।
खबर की 3 अहम बातें:
- युद्ध ने बिगाड़ा खेल: इजराइल-ईरान के बीच युद्ध लंबा खिंचने की आशंका के चलते दुबई एक्सपोर्ट का प्लान फिलहाल टाल दिया गया है।
- अब यूरोप पर फोकस: दुबई का रास्ता रुकने के बाद अब मत्स्य विभाग इस मछली को यूरोपीय बाजारों में उतारेगा।
- 20 टन का टारगेट: उत्तराखंड सरकार ने हर महीने 20 टन ट्राउट मछली विदेशों में भेजने का लक्ष्य रखा है।
6 महीने में शुरू होना था एक्सपोर्ट
उत्तराखंड की ठंडे पानी की ट्राउट मछली की विदेशों में भारी डिमांड है। इसी को भुनाने के लिए हाल ही में विभागीय मंत्री सौरभ बहुगुणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया था कि अगले 6 महीने के भीतर दुबई को निर्यात शुरू कर दिया जाएगा।
पहले चरण में इन 5 जगहों से भेजी जाएगी मछली
सरकार के प्लान के मुताबिक, पहले चरण में सीमांत इलाकों— धारचूला, मुनस्यारी, डीडीहाट, कनालीछीना और उत्तरकाशी से ट्राउट मछली का निर्यात किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि एक्सपोर्ट शुरू होने से स्थानीय मछली पालकों को उनकी उपज के बेहतरीन दाम मिलेंगे और राज्य में मत्स्य पालन को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
क्या बोले अधिकारी?
“दुबई नजदीक होने के कारण हम पहले वहां ट्राउट मछली निर्यात करना चाहते थे। लेकिन मिडिल ईस्ट में जिस तरह युद्ध के हालात बने हैं, उन्हें देखते हुए अब हम इसे यूरोप के देशों में निर्यात करेंगे।”-बीवीआरसी पुरुषोत्तम, सचिव, मत्स्य विभाग
