केदारनाथ धाम जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-107) पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए जरूरी खबर है। प्रशासन ने काकड़ागाड़-कुंड-गुप्तकाशी मार्ग को 15 जनवरी 2026 तक वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया है। प्रशासन के इस फैसले से स्थानीय लोगों और यात्रियों को अगले एक महीने तक लंबी दूरी और मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ हाईवे (राष्ट्रीय राजमार्ग-107) पर काकड़ागाड़–कुंड–गुप्तकाशी मार्ग मॉनसून के दौरान हुई भारी क्षति की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कार्य के चलते 15 दिसंबर से 15 जनवरी 2026 तक अस्थायी रूप से बंद रहेगा। इस दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों को वैकल्पिक मार्गों से आवागमन करना होगा।
उप जिलाधिकारी उखीमठ अनिल कुमार शुक्ला ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-107 के किमी 33.130 से 41.260 के बीच ग्राम सेमी और भैंसारी क्षेत्र में मॉनसून के दौरान सड़क को गंभीर नुकसान पहुंचा है। क्षतिग्रस्त हिस्सों पर मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य संबंधित कंपनी द्वारा किया जा रहा है, जिसमें मिक्सर, एक्सकेवेटर, जेसीबी, डंपर, फ्लोरी और एसएलएम जैसी भारी मशीनरी का उपयोग आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि मार्ग की चौड़ाई अत्यंत कम होने, कार्य की प्रकृति और यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आमजन और वाहनों की सुरक्षा के लिए इस अवधि में मार्ग को पूरी तरह यातायात के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
क्या है वैकल्पिक रूट (Diversion Plan)?
- गुप्तकाशी जाने वाले वाहन: सभी वाहनों को कुंड-चुन्नी बैंड-विद्यापीठ-गुप्तकाशी मोटर मार्ग से भेजा जाएगा। हालांकि, यह रास्ता काफी लंबा और संवेदनशील है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
- गुप्तकाशी से वापस आने वाले वाहन: गुप्तकाशी से अन्य स्थानों की ओर जाने वाले वाहनों के लिए गुप्तकाशी-लमगौण्डी-गिवाड़ी मोटर मार्ग तय किया गया है।
हालांकि वैकल्पिक मार्ग लंबा और संवेदनशील होने के कारण यात्रियों और क्षेत्रीय जनता को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
उप जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि मार्ग बंदी की अवधि में वैकल्पिक मार्गों पर सुचारु यातायात व्यवस्था, संकेतक बोर्ड, बैरिकेडिंग और सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रशासन ने क्षेत्रवासियों और यात्रियों से अपील की है कि वे निर्धारित अवधि में केवल वैकल्पिक मार्गों का ही प्रयोग करें और प्रशासन का सहयोग करें।
