
रुद्रप्रयाग। आगामी केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालुओं के बेहतर उपचार और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए गौरीकुंड से केदारपुरी तक के पैदल मार्ग पर चिकित्सा सुविधाओं का जाल बिछाया गया है। यात्रा मार्ग पर थर्मल स्क्रीनिंग से लेकर आपातकालीन उपचार के लिए करीब 200 स्वास्थ्य कर्मियों की भारी-भरकम टीम तैनात की गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस बार विशेष रणनीति अपनाते हुए सोनप्रयाग से केदारनाथ तक के पैदल मार्ग पर प्रत्येक दो किलोमीटर के अंतराल में ‘मेडिकल सहायता इकाई’ (MRP) स्थापित की है। ये इकाइयां सोनप्रयाग, चौरी, चिरबासा, जंगल चट्टी, भीमबली, रामबाड़ा, छोटी लिनचोली, बड़ी लिनचोली, भैरव ग्लेशियर, रुद्रा पॉइंट और बेस कैंप जैसे प्रमुख पड़ावों पर क्रियाशील रहेंगी। इन केंद्रों को जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग सहित तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, गुप्तकाशी और फाटा के स्वास्थ्य केंद्रों से सीधे जोड़ा गया है।
यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा के लिए तैनात 200 कर्मियों की टीम में 30 अनुभवी चिकित्सक, 25 फार्मासिस्ट और 30 से अधिक नर्सिंग व सहायक स्टाफ शामिल हैं। विभाग ने सुनिश्चित किया है कि सभी प्रमुख पड़ावों पर 24 घंटे चिकित्सा सुविधा उपलब्ध रहे।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सांस लेने में होने वाली कठिनाई को देखते हुए विभाग ने ऑक्सीजन सिलिंडर और पोर्टेबल ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था की है। साथ ही, किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज को तुरंत अस्पताल पहुँचाने के लिए यात्रा मार्ग के विभिन्न हिस्सों में 12 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। गौरीकुंड और केदारनाथ धाम में मुख्य स्वास्थ्य केंद्र पहले से ही सुसज्जित किए जा चुके हैं।
रुद्रप्रयाग के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. राम प्रकाश ने बताया, “स्वास्थ्य विभाग इस यात्राकाल में हर तीर्थयात्री और स्थानीय निवासी को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साल चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। हमें मेडिकल कॉलेजों और अन्य जनपदों से भी अतिरिक्त चिकित्साधिकारी प्राप्त हुए हैं, जिससे व्यवस्थाओं को बल मिला है।”
