UTTARAKHAND

खटीमा में बाघ का आतंक: मवेशी चराने गई 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला को बाघ ने बनाया निवाला, इलाके में दहशत

खटीमा (ऊधम सिंह नगर): उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र खटीमा में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। सुरई वन रेंज के बग्गा चौवन इलाके में जंगल में मवेशी चराने गई 71 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। इस घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश के साथ-साथ दहशत का माहौल है।

मवेशी चराने गई थी बुजुर्ग महिला

जानकारी के अनुसार, खटीमा निवासी 71 वर्षीय गोपुली देवी अपने परिवार के गुजर-बसर के लिए पशुपालन करती थीं। रोज की तरह वे जंगल में मवेशी चराने गई थीं, तभी घात लगाकर बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। बाघ महिला को खींचकर घनी झाड़ियों के भीतर ले गया। साथ गए अन्य चरवाहों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा, तो उन्होंने तुरंत शोर मचाया और ग्रामीणों व वन विभाग को इसकी सूचना दी।

शव बरामद, पुलिस और वन विभाग मौके पर

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और झनकईया एसएचओ देवेंद्र गौरव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। झाड़ियों में तलाशी के दौरान महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा उपजिला चिकित्सालय भेज दिया है। घटनास्थल पर उपप्रभागीय वन अधिकारी (SDO) संचिता वर्मा और सुरई रेंज के रेंजर राजेंद्र सिंह मनराल ने स्थिति का जायजा लिया।

विभाग अलर्ट पर, गश्त बढ़ाने के निर्देश

घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के खिलाफ कड़ा रोष जताया और बाघ के आतंक से मुक्ति दिलाने की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए SDO संचिता वर्मा ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  • हाई अलर्ट: सुरई वन रेंज के सभी कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
  • गश्त में बढ़ोत्तरी: घटनास्थल और उससे सटे ग्रामीण इलाकों में वन विभाग की गश्त बढ़ा दी गई है ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो।
  • मुआवजा प्रक्रिया: मृतका के परिजनों को वन अधिनियम के तहत उचित मुआवजा देने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

गोपुली देवी अपने परिवार की मुख्य आधार थीं। वे अपने पीछे दो विवाहित बेटियां और एक अविवाहित इकलौता पुत्र चंदन सिंह दशौनी को छोड़ गई हैं। बुजुर्ग मां की इस तरह दर्दनाक मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन वन्यजीव आबादी क्षेत्रों के करीब आ रहे हैं, जिससे खेती और पशुपालन करना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आदमखोर हो रहे बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

Tv10 India

Recent Posts

बदरीनाथ धाम को हाईटेक अस्पताल की सौगात, अक्तूबर में पीएम मोदी कर सकते हैं उद्घाटन

मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…

19 hours ago

उत्तराखंड: रिवर्स पलायन को गति देने के लिए हर जिले में होंगी प्रवासी पंचायतें, सीएम धामी ने दिए निर्देश

गांव लौटे प्रवासियों के अनुभवों और स्वरोजगार के प्रयासों को साझा करने पर जोर सितंबर…

19 hours ago

सीएम धामी का बड़ा ऐलान: देहरादून के ’13 गांव’ में बनेगा राज्य स्तरीय विपणन केंद्र; स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में मुख्यमंत्री उद्यमशाला…

24 hours ago

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत ‘चौपाल-2026’ का आयोजन; टिहरी और चमोली में प्रचार वाहनों को दिखाई हरी झंडी

टिहरी गढ़वाल :उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को…

1 day ago

हाईकोर्ट शिफ्टिंग विवाद: नैनीताल से हल्द्वानी ट्रांसफर पर सुनवाई पूरी, खंडपीठ ने सुरक्षित रखा फैसला

नैनीताल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने…

1 day ago

IIT रुड़की और GB पंत संस्थान की चेतावनी: जलवायु परिवर्तन से कोसी नदी पर गहराया खतरा, तेजी से गिरेगा भूजल

रुड़की :उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी बेसिन पर आने…

2 days ago