
रुद्रपुर/किच्छा। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। किच्छा क्षेत्र में विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई करते हुए उद्यान विभाग के एक ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक को 12,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी ने पेड़ों के कटान की अनुमति देने के एवज में इस धनराशि की मांग की थी।
पेड़ों के कटान की अनुमति के लिए मांगी थी घूस
पूरा मामला किच्छा के ग्राम गऊघाट से जुड़ा है। शिकायतकर्ता, जो पिछले कई वर्षों से लकड़ी के ठेकेदार के रूप में कार्य कर रहा है, ने गांव के काश्तकारों से निजी आम के पेड़ खरीदे थे। नियमानुसार, 26 पेड़ों के कटान के लिए उसने विभाग में आवेदन किया था। मौके का निरीक्षण होने और प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद, ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक बादल पाण्डे ने 16 पेड़ों के कटान की अनुमति जारी करने के बदले 12,000 रुपये की रिश्वत की मांग की।
विजिलेंस ने बिछाया जाल, कार्यालय में ही धरा गया अधिकारी
परेशान होकर ठेकेदार ने इसकी शिकायत हल्द्वानी स्थित सतर्कता अधिष्ठान में की। शिकायत की गोपनीय जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस अधीक्षक सतर्कता के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। 9 अप्रैल को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए विजिलेंस टीम ने किच्छा स्थित ‘उद्यान सचल दल केंद्र’ के कार्यालय में छापा मारा। जैसे ही आरोपी बादल पाण्डे ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, टीम ने उसे दबोच लिया।
हल्द्वानी का रहने वाला है आरोपी
गिरफ्तार किए गए अधिकारी की पहचान बादल पाण्डे पुत्र बची राम पाण्डे के रूप में हुई है, जो मूल रूप से शक्ति विहार, तल्ली हल्द्वानी का निवासी है। विजिलेंस की इस कार्रवाई से उद्यान विभाग और स्थानीय प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी रहेगी जंग: निदेशक विजिलेंस
सतर्कता विभाग के निदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन ने इस सफल कार्रवाई के बाद आम जनता से अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी किसी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं और तुरंत इसकी सूचना दें। उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 और व्हाट्सएप नंबर 9456592300 पर संपर्क करने का आह्वान किया है।
