
मुख्य बिंदु (Highlights):
- धारी देवी मंदिर परिसर में मोबाइल फोन का इस्तेमाल अब पूरी तरह वर्जित होगा।
- श्रद्धालुओं का सामान सुरक्षित रखने के लिए नगर निगम जल्द करेगा लॉकर की व्यवस्था।
- भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारु दर्शन के लिए पैदल मार्ग पर बनेगा ‘वन-वे’ (One-Way) सिस्टम।
- मंदिर परिसर और आसपास के इलाके को किया जाएगा अतिक्रमण मुक्त।
विस्तृत खबर:
धारी देवी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के लिए नगर निगम और मंदिर समिति ने कमर कस ली है। इसी सिलसिले में मेयर आरती भंडारी की अध्यक्षता में नगर निगम और मंदिर समिति की एक अहम बैठक हुई, जिसमें मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए कई बड़े और सख्त फैसले लिए गए।
मोबाइल फोन पर लगा पूर्ण प्रतिबंध
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि मंदिर परिसर की पवित्रता, शांति और अनुशासन को बनाए रखने के लिए अब से मंदिर क्षेत्र में मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह से वर्जित रहेगा। अक्सर देखा जाता है कि मोबाइल के इस्तेमाल से दर्शन व्यवस्था प्रभावित होती है, इसी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
सामान के लिए बनेंगे लॉकर
मोबाइल फोन बैन होने के बाद श्रद्धालुओं को अपना फोन और अन्य कीमती सामान सुरक्षित रखने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए नगर निगम की ओर से मंदिर परिसर में ‘लॉकर’ (Locker) की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
पैदल मार्ग पर लागू होगी ‘वन-वे’ व्यवस्था
मंदिर में दर्शनार्थियों की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पैदल आने-जाने वाले रास्तों पर ‘वन-वे’ (एकतरफा) व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी है। यानी जाने का रास्ता अलग और वापस आने का रास्ता अलग होगा। इससे मंदिर में आवाजाही सुचारु रूप से हो सकेगी और भक्तों को दर्शन करने में आसानी होगी। इसके साथ ही मंदिर परिसर को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त करने का भी निर्णय लिया गया है।
‘श्रद्धालुओं की सुविधा हमारी प्राथमिकता’
मेयर आरती भंडारी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि धारी देवी मंदिर लाखों लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र है। नगर निगम की यह प्राथमिकता है कि यहां आने वाले हर श्रद्धालु को बेहतर से बेहतर सुविधाएं मिलें। मोबाइल बैन, लॉकर व्यवस्था, वन-वे सिस्टम और अतिक्रमण हटाने जैसे कदम इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए उठाए जा रहे हैं।
बैठक में ये अधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में वार्ड पार्षद राजेंद्र नेगी, सहायक नगर आयुक्त रविराज बंगारी, अधिशासी अभियंता पवन कोठियाल, मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार, प्रवीण रावत के साथ-साथ मंदिर समिति के सचिव विवेक पांडेय, रमेश चंद्र पांडेय और समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
