
नैनीताल (भीमताल): उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मानव और वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। नैनीताल जिले के भीमताल स्थित सूर्या गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक गुलदार (लेपर्ड) ने घास लेने जंगल गई महिला को अपना निवाला बना लिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और एक होनहार खिलाड़ियों वाले परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
चारा लेने गई थी जंगल, 4 किमी अंदर मिला शव
घटना 3 अप्रैल की है। सूर्या गांव निवासी हंसी देवी (50 वर्ष) दोपहर के समय मवेशियों के लिए चारा-पत्ती लेने पास के जंगल में गई थीं। जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटीं, तो उनके पति लाल सिंह ने ग्रामीणों और प्रशासन को इसकी सूचना दी। वन विभाग और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद, जंगल में 4 किलोमीटर अंदर हंसी देवी का शत-विक्षत शव बरामद हुआ। वन विभाग के अनुसार, महिला पर गुलदार ने घातक हमला किया था।
तीन होनहार खिलाड़ियों के सिर से उठा माँ का साया
इस दुखद घटना ने एक ऐसे परिवार को तोड़ कर रख दिया है जिसने राज्य और देश का नाम रोशन किया है। मृतका हंसी देवी के तीन बेटे हैं और तीनों ही उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं:
- बड़ा बेटा (कमल सिंह – 32 वर्ष): खो-खो के नेशनल लेवल खिलाड़ी।
- मझला बेटा (बालम – 28 वर्ष): खो-खो के नेशनल लेवल खिलाड़ी।
- छोटा बेटा (सूरज – 25 वर्ष): खो-खो के स्टेट लेवल खिलाड़ी।
महिला के पति लाल सिंह रानीबाग स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। अपनी माँ को इस तरह खोने के बाद तीनों बेटों और पति का रो-रोकर बुरा हाल है।
वन विभाग की कार्रवाई
डीएफओ (DFO) आकाश गंगवार ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए गांव में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया है। महिला के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और साक्ष्य के तौर पर डीएनए सैंपल भी लिए गए हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से अकेले जंगल न जाने की अपील की है।
दहशत में ग्रामीण
पर्वतीय क्षेत्रों में बाघ, गुलदार और भालू के बढ़ते हमलों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। सूर्या गांव के ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ रोष है। लोगों का कहना है कि वन्यजीव अब आबादी के इतने करीब आ गए हैं कि घरों से निकलना भी दूभर हो गया है।
