
देहरादून: आज शनिवार, 28 मार्च को पूरी दुनिया ‘अर्थ आवर डे’ (Earth Hour Day) मना रही है। इस वैश्विक अभियान के तहत आज रात एक घंटे के लिए दुनिया भर में गैर-जरूरी लाइट्स बंद रखी जाएंगी। भारत में इसका समय रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। देवभूमि उत्तराखंड भी इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है।
20वीं वर्षगांठ पर विशेष आयोजन
बता दें कि इस साल अर्थ आवर डे अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है। ऊर्जा संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल यह दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर सोशल मीडिया पर भी #EarthHour2026 के जरिए लोगों से जुड़ने की अपील की गई है।
धामी सरकार की अपील
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने प्रदेश के सभी नागरिकों, सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि रात 8:30 से 9:30 बजे के बीच सभी कार्यालयों और संस्थानों में केवल वही लाइटें जलने दी जाएं जो अनिवार्य हों, बाकी सभी गैर-जरूरी बिजली उपकरणों को बंद रखा जाए।
क्या है अर्थ आवर डे का उद्देश्य?
अर्थ आवर डे का मुख्य उद्देश्य ग्लोबल वार्मिंग और प्रकृति संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों पर विश्व का ध्यान आकर्षित करना है।
- ऊर्जा की बचत: एक घंटे तक लाइटें बंद रहने से भारी मात्रा में विद्युत ऊर्जा की बचत होती है।
- पर्यावरण संरक्षण: इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होती है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है।
- एकजुटता का संदेश: यह अभियान यह संदेश देता है कि पृथ्वी को बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी साझा है।
ऊर्जा प्रदेश की बड़ी भूमिका
उत्तराखंड को ‘ऊर्जा प्रदेश’ के रूप में जाना जाता है। यहाँ टिहरी डैम (THDC) जैसी कई बड़ी जलविद्युत परियोजनाएं हैं जो देश को रोशन करती हैं। ऐसे में ऊर्जा की बचत के प्रति उत्तराखंड का यह कदम बेहद प्रतीकात्मक और प्रभावी माना जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक घंटे का प्रतीकात्मक ‘ब्लैक आउट’ है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी को याद दिलाना है। सरकार ने जनता से अपील की है कि “पृथ्वी हमारा घर है और इसके संरक्षण के लिए छोटे-छोटे कदम ही बड़ा बदलाव लाएंगे।”
