
रुद्रपुर: पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में शनिवार को 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का भव्य आगाज हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर तीन दिवसीय मेले का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को सम्मानित किया और सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
किसानों के लिए क्या बोले CM:
मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी किसानों को देश की आत्मा मानते हैं। विकसित भारत के संकल्प में हमारे अन्नदाताओं की भूमिका सबसे अहम है।” उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए दिन-रात काम कर रही है।
सरकार के बड़े ऐलान और उपलब्धियां:
- फसल बोनस: राज्य में गेहूं पर 20 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जा रहा है।
- गन्ने का मूल्य: गन्ने के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की गई है, जो अब पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से भी 5 रुपये प्रति क्विंटल अधिक है।
- सस्ती खेती: किसानों को 3 लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज के मिल रहा है। किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
- सब्सिडी की बौछार: कृषि यंत्रों और बागवानी (ड्रैगन फ्रूट सहित) पर 80% तक सब्सिडी दी जा रही है।
- फसल नुकसान: जंगली जानवरों से खराब हुई फसलों के मुआवजे के लिए 25 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की गई है।
उत्तराखंड की बढ़ती साख:
सीएम ने गौरव जताते हुए कहा कि उत्तराखंड ने कृषि और बागवानी में लंबी छलांग लगाई है। फलों का उत्पादन ढाई गुना बढ़ा है। मशरूम उत्पादन में राज्य देश में 5वें और शहद उत्पादन में 8वें स्थान पर पहुंच गया है। साथ ही 23 हजार हेक्टेयर भूमि पर सुगंधित पौधों की खेती की जा रही है।
प्रगतिशील किसानों का सम्मान:
मेले में करीब 350 स्टॉल लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने वहां किसानों से सीधा संवाद किया और आधुनिक खेती के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के एक दर्जन प्रगतिशील किसानों को ‘प्रगतिशील किसान सम्मान’ से नवाजा। सम्मानित किसानों को 11,000 और 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी गई।
बदलाव की झलक:
कार्यक्रम में सीएम ने बताया कि उन्होंने खुद गैरसैंण के पास स्थित ‘सड़कोट’ गांव को गोद लिया है, जिसे अब एक ‘मॉडल विलेज’ के रूप में विकसित किया जा रहा है ताकि अन्य गांव भी उनसे सीख ले सकें।
