
देहरादून/रुद्रप्रयाग। चारधाम यात्रा शुरू होने से ठीक पहले उत्तराखंड सरकार ने बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के मुख्य कार्याधिकारी (CEO) के रिक्त पद को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी (DM) को बीकेटीसी के सीईओ पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया है।
विजय थपलियाल की विदाई के बाद खाली था पद
गौरतलब है कि बीकेटीसी के निवर्तमान सीईओ विजय थपलियाल की प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद से यह पद खाली चल रहा था। आगामी चारधाम यात्रा के प्रबंधन और तैयारियों को देखते हुए शासन स्तर पर एक सक्षम अधिकारी की नियुक्ति के लिए लंबे समय से मंथन चल रहा था।
IAS अधिकारी पर जताया भरोसा
बीकेटीसी के सीईओ पद के लिए कई पीसीएस (PCS) अधिकारी भी दौड़ में थे और पैरवी कर रहे थे। हालांकि, राज्य सरकार ने देश के अन्य प्रसिद्ध मंदिरों जैसे महाकाल मंदिर, वैष्णो देवी, तिरुपति बालाजी और सिद्धि विनायक की तर्ज पर बीकेटीसी में भी प्रशासनिक कमान किसी आईएएस (IAS) अधिकारी को सौंपने का मन बनाया था। इसी रणनीति के तहत रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी को यह जिम्मेदारी दी गई है।
चारधाम यात्रा की महत्वपूर्ण तिथियां
यात्रा सीजन की शुरुआत 19 अप्रैल से हो रही है। इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। कपाट खुलने से पहले मंदिर समिति के पास व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती है, जिसे देखते हुए यह नियुक्ति अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
तैयारियों को मिलेगी गति
रुद्रप्रयाग जिले की सीमा में ही केदारनाथ धाम स्थित है, ऐसे में जिलाधिकारी के पास सीईओ का प्रभार होने से यात्रा व्यवस्थाओं, सुरक्षा, और यात्रियों की सुविधाओं से जुड़े निर्णयों में अधिक समन्वय और गति आने की उम्मीद है।
