
पौड़ी/चमोली: उत्तराखंड के दो धावकों ने दिल्ली में आयोजित 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता है। पौड़ी की मीनाक्षी नेगी और चमोली के दिगंबर सिंह ने न केवल दौड़ में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। अब ये दोनों खिलाड़ी स्पेन में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मीनाक्षी ने तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड
पौड़ी के थली गांव की रहने वाली मीनाक्षी नेगी ने यह दौड़ 8 घंटे 33 मिनट में पूरी की। उन्होंने न केवल जीत दर्ज की, बल्कि 10 मिनट के अंतर से पिछला नेशनल रिकॉर्ड (8 घंटे 43 मिनट) तोड़कर नया कीर्तिमान स्थापित किया। मीनाक्षी इससे पहले आदि कैलाश और बीएसएफ मैराथन (गुजरात) में भी अपनी धाक जमा चुकी हैं।
पहली बार में ही दिगंबर ने मारी बाजी
पुरुष वर्ग में चमोली के दिगंबर सिंह ने अपनी पहली ही 100 किलोमीटर अल्ट्रा मैराथन में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने महज 7 घंटे 38 मिनट में रेस पूरी कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। दिगंबर पिछले डेढ़ साल से पौड़ी के रांसी स्टेडियम में कोच रूपेश यादव की देखरेख में रोजाना 3 से 4 घंटे पसीना बहा रहे थे।
हाई एल्टीट्यूड ट्रेनिंग बनी जीत का मंत्र
कोच रूपेश यादव ने बताया कि दोनों धावकों की सफलता के पीछे पौड़ी के रांसी स्टेडियम की ‘हाई एल्टीट्यूड’ (अधिक ऊंचाई) ट्रेनिंग है। यहां की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में अभ्यास करने के कारण दोनों खिलाड़ियों को मैदानी इलाकों की दौड़ में अतिरिक्त लाभ मिला है।
अब स्पेन में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
दिल्ली में मिली इस जीत के बाद दोनों खिलाड़ियों का चयन स्पेन में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए हुआ है।
- कोच का भरोसा: रूपेश यादव ने बताया कि अब उन्हें स्पेन के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देश का मान बढ़ाएंगे।
- क्षेत्र में खुशी: इस उपलब्धि से पौड़ी और चमोली समेत पूरे उत्तराखंड में जश्न का माहौल है। खेल प्रेमियों ने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
