राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन की आशंका जताई गई है। उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ को ‘डेंजर लेवल-3’ में रखा गया है, जबकि रुद्रप्रयाग और बागेश्वर को ‘डेंजर लेवल-1’ के दायरे में रखा गया है। प्रशासन ने लोगों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी है।

देहरादून। उत्तराखंड के पांच पहाड़ी जिलों में हिमस्खलन (Avalanche) और भारी बर्फबारी का खतरा बढ़ गया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के जिलाधिकारियों को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान ने इन क्षेत्रों के लिए ‘डेंजर लेवल’ की चेतावनी जारी की है।
किन जिलों में कितना खतरा?
रक्षा भू-सूचना विज्ञान अनुसंधान प्रतिष्ठान के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार:
- डेंजर लेवल-3 (गंभीर खतरा): उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़। इन जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमस्खलन की अत्यधिक संभावना है।
- डेंजर लेवल-1 (सावधानी जरूरी): रुद्रप्रयाग और बागेश्वर। यहाँ भी बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
जिला प्रशासन को विशेष निर्देश
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के डीएम को निर्देश दिए हैं कि वे स्थिति पर कड़ी नजर रखें।
- सतर्कता: अधिक बर्फबारी होने की स्थिति में संबंधित क्षेत्रों में आवाजाही सीमित की जाए।
- आमजन को सलाह: स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे ऊंचाई वाले और जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचें।
- तैयारी: प्रशासनिक अमले को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
