
देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के आगाज से ठीक पहले बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। शासन के निर्देश पर पर्यटन विभाग ने बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) विजय प्रसाद थपलियाल की प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) समाप्त कर उन्हें पद से कार्यमुक्त कर दिया है। आदेश के अनुसार, थपलियाल को उनके मूल विभाग ‘कृषि उत्पादन मंडी समिति’ में वापस भेज दिया गया है।
हाल ही में चर्चाओं में रहा था बीकेटीसी
विजय प्रसाद थपलियाल को 29 जुलाई 2024 को प्रतिनियुक्ति पर बीकेटीसी का सीईओ नियुक्त किया गया था। यात्रा शुरू होने से ठीक पहले हुए इस बदलाव के पीछे बीकेटीसी के हालिया विवादों को मुख्य कारण माना जा रहा है। समिति पिछले कुछ समय से कई विवादों के कारण लगातार सुर्खियों में बनी हुई थी।
इन विवादों के कारण आई कार्रवाई की आंच:
सूत्रों के अनुसार, बीकेटीसी प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हुए थे:
- रूप छड़ी का विवाद: हाल ही में बीकेटीसी के कुछ अधिकारियों द्वारा मंदिर की पवित्र ‘रूप छड़ी’ को उत्तराखंड से बाहर महाराष्ट्र के नांदेड़ भेजने का मामला सामने आया था। इस पर तीर्थ पुरोहितों ने कड़ा विरोध जताया था। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच शासन और बीकेटीसी स्तर पर जारी है।
- हेली कंपनियों से वसूली में ढिलाई: बीकेटीसी की ओर से हेली सेवाओं का संचालन करने वाली कंपनियों पर करीब तीन करोड़ रुपये का बकाया होने की बात सामने आई थी, लेकिन इस राशि की वसूली को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
- वित्तीय अनियमितताओं के आरोप: समिति पर बाजार भाव से काफी महंगे दाम पर जनरेटर खरीदने का भी आरोप लगा था, जिसके बाद से ही समिति की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में थी।
यात्रा से पहले प्रशासन अलर्ट
चारधाम यात्रा के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं और यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। ऐसे संवेदनशील समय में सीईओ को हटाए जाने को सरकार का एक सख्त कदम माना जा रहा है ताकि यात्रा व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए और मंदिर समिति की छवि को सुधारा जा सके।
