
गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। हालांकि, सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। विधानसभा भवन के बाहर कांग्रेस विधायकों ने सत्र की अवधि कम रखे जाने को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार पर लोकतांत्रिक परंपराओं के अपमान का आरोप लगाया।
सत्र की अवधि पर विपक्ष का हमला
विधानसभा भवन के बाहर प्रीतम सिंह, भुवन कापड़ी, हरीश धामी समेत अन्य कांग्रेस विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार को घेरा। विपक्ष का मुख्य आरोप है कि सरकार ने बिना किसी चर्चा के बजट सत्र की अवधि पहले ही तय कर दी है। प्रीतम सिंह ने कहा, “सरकार महंगाई, बेरोजगारी और पलायन जैसे जनहित के मुद्दों से भाग रही है। यदि सरकार के पास ठोस एजेंडा होता, तो सत्र की अवधि बढ़ाने से परहेज नहीं किया जाता।”
परंपराओं के उल्लंघन का आरोप
कांग्रेस विधायकों का कहना है कि विधानसभा सत्र का एजेंडा और अवधि तय करते समय सभी पक्षों से राय ली जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार ने इसे दरकिनार कर दिया। विपक्ष का दावा है कि सत्र सीमित होने के कारण प्रश्नकाल में जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाएगी, जो पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।
सरकार बनाम विपक्ष: सियासी पारा चढ़ा
बजट सत्र के पहले ही दिन जिस तरह विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाया है, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में सदन के भीतर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिलेगी। एक तरफ सरकार बजट को लेकर अपनी तैयारी में जुटी है, तो वहीं विपक्ष हर मुद्दे पर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ तैयार है।
