
मुख्य बिंदु (Highlights):
- भाजपा सरकार और संगठन के बीच तालमेल की कमी: नेता प्रतिपक्ष
- विधायकों का बढ़ता असंतोष ही है मंत्रिमंडल विस्तार में देरी का असली कारण।
- ‘अनुशासित पार्टी’ होने के भाजपा के दावों पर उठाए सवाल।
- यशपाल आर्य का दावा- 2027 में होगा सत्ता परिवर्तन, कांग्रेस बनाएगी सरकार।
हल्द्वानी:
उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल और बयानबाजी अपने चरम पर है। इसी कड़ी में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य ने सत्ताधारी भाजपा सरकार और संगठन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सरकार और संगठन के बीच कोई तालमेल नहीं है और विधायकों में बढ़ता असंतोष ही मंत्रिमंडल विस्तार के लगातार टलने की मुख्य वजह है।
अंदरूनी खींचतान से जूझ रही है सरकार
यशपाल आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के कई विधायक अपनी ही सरकार के कामकाज से नाराज बताए जा रहे हैं। सरकार और संगठन के बीच सामंजस्य की स्पष्ट कमी दिखाई दे रही है। आर्य ने तंज कसते हुए कहा कि अगर सब कुछ वाकई ठीक होता, तो मंत्रिमंडल विस्तार में इतनी लंबी देरी नहीं होती। इसे बार-बार टाला जाना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि सत्ताधारी दल भारी अंदरूनी खींचतान से जूझ रहा है।
भाजपा के अनुशासन पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा के ‘अनुशासन’ पर भी सीधा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो भाजपा खुद को दुनिया की सबसे अनुशासित पार्टी होने का दावा करती है, आज उसकी हालत यह है कि वह अपने ही नेताओं की अनुशासनहीनता और विवादास्पद बयानों पर कार्रवाई करने में लाचार नजर आ रही है। इससे साफ होता है कि पार्टी के भीतर मतभेद और अंतर्कलह लगातार गहरी होती जा रही है।
2027 में भाजपा को भुगतना पड़ेगा खामियाजा
आर्य ने दावा किया कि सरकार के भीतर समन्वय न होने का सीधा और नकारात्मक असर राज्य के प्रशासनिक फैसलों पर पड़ रहा है, जिसका नुकसान आम जनता को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर चल रही यही गुटबाजी और खींचतान आने वाले समय में उसके लिए बड़ी राजनीतिक चुनौती साबित होगी।
नेता प्रतिपक्ष ने विश्वास जताते हुए कहा कि वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा को अपनी इस अंतर्कलह का भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा। राज्य की जनता भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली को देख रही है और वक्त आने पर करारा जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि 2027 के चुनावों में उत्तराखंड में निश्चित रूप से सत्ता परिवर्तन होगा और कांग्रेस एक बार फिर मजबूती के साथ वापसी कर अपनी सरकार बनाएगी।
