
देहरादून: उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज और बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने लखनऊ में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। इस दौरान उत्तराखंड के दोनों नेताओं ने यूपी की राज्यपाल और CM योगी को आगामी चारधाम यात्रा के लिए आमंत्रित किया।मुलाकात की सबसे अहम बात यह रही कि उत्तराखंड ने यूपी में मौजूद BKTC की करोड़ों की संपत्तियों को उत्तराखंड की जमीन से बदलने (Exchange) का बड़ा प्रस्ताव रखा है, जिस पर CM योगी ने सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया है।
यूपी की संपत्तियों के बदले हरिद्वार-देहरादून में मांगी जमीन
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुलाकात के दौरान CM योगी को एक पत्र सौंपा। इसमें मांग की गई है कि लखनऊ और फतेहपुर में मौजूद BKTC के भवन, बगीचे और जमीनों को यूपी सरकार अपने अधीन (समाहित) कर ले। इसके बदले में BKTC को हरिद्वार, देहरादून या ऋषिकेश में यूपी सरकार की उपलब्ध भूमि दे दी जाए। मुख्यमंत्री योगी ने इस प्रस्ताव पर विचार कर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आखिर जमीन क्यों बदलना चाहती है मंदिर समिति?
- भू-माफियाओं का डर: समिति का कहना है कि राज्य गठन के बाद ज्यादा दूरी होने के कारण इन संपत्तियों की सही से देखरेख नहीं हो पा रही है। देखरेख के अभाव में इन जमीनों पर भू-माफियाओं की नजर है, जिससे संपत्तियों पर कब्जे की आशंका बनी हुई है।
- आमदनी जीरो, खर्चा ज्यादा: वर्तमान में इन संपत्तियों से मंदिर समिति को कोई आमदनी नहीं है, बल्कि इनके रखरखाव पर भारी खर्च होता है।
यूपी में कहां-कहां है मंदिर समिति की संपत्तियां?
उत्तर प्रदेश में BKTC की करीब 86,477 वर्ग फीट जमीन है, जिसका ब्यौरा इस प्रकार है:
- लखनऊ (अमीनाबाद): राजधानी के मुख्य व्यावसायिक क्षेत्र गड़बड़झाला में BKTC की करीब 11 हजार वर्ग फीट जमीन है। इस पर तीन पुराने भवन और एक छोटा मंदिर (पूजा घर) मौजूद है।
- फतेहपुर (हंसुआ): लखनऊ से 90 किमी दूर फतेहपुर के हंसुआ में 51,452 वर्ग फीट का एक बगीचा है। इसके अलावा 24,025 वर्ग फीट में 43 दुकानें और 2 गोदाम हैं, जो इस वक्त जर्जर स्थिति में और खाली पड़े हैं।
19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा
मुलाकात में BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने मुख्यमंत्री योगी को बताया कि इस साल चारधाम यात्रा का आगाज 19 अप्रैल से होने जा रहा है।
- कपाट खुलने की तारीखें: 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसकी तैयारियां जोरों पर हैं।
- तेज गति से चल रहा काम: उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में केदारनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण हुआ है, जबकि बदरीनाथ धाम में भी काम बेहद तेज गति से चल रहा है।
