उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक कदम उठाया है। हरिद्वार में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन के समापन सत्र में सीएम धामी ने घोषणा की कि राज्य में संस्कृत भाषा के उत्थान और समग्र विकास के लिए एक उच्चस्तरीय आयोग (High-level Commission) का गठन किया जाएगा।
यह निर्णय न केवल देवभूमि की पहचान को सशक्त करेगा, बल्कि संस्कृत को आम जनमानस की भाषा बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगा।
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा, “संस्कृत केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा है। यह हमारे लिए गौरव की बात है कि उत्तराखंड की द्वितीय राजभाषा संस्कृत है। हम इसे जन-जन की भाषा बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
देहरादून: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म होगा, सरकार ने राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण गठित कर…
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हुए एमओयू के…
मसूरी। प्रसिद्ध यात्रा लेखक और पद्मश्री सम्मानित ह्यू गैंटज़र का मंगलवार को 94 वर्ष की…
देहरादून: रेल बजट से उत्तराखंड को इस साल 4,769 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग समेत…
देहरादून | मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27…
नानकमत्ता में वीबीजी रामजी योजना पर जिला सम्मेलन का आयोजनटीवी 10 इंडिया मीडिया नेटवर्कनानकमत्ता। कैबिनेट…