ढोल-दमाऊ की थाप और गुजिया का स्वाद… काशीपुर में कुछ यूं कुमाऊँनी होली के रंग में रंगे CM धामी

बचपन की यादें: सीएम धामी ने साझा किए बाल्यकाल के संस्मरण, बोले- गांव की सामूहिक होली में नहीं होता था ऊंच-नीच का भेद
काशीपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को काशीपुर नगर निगम परिसर में आयोजित ‘रंगोत्सव’ होली मिलन समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहाँ न केवल जनता पर पुष्पवर्षा की, बल्कि पारंपरिक कुमाऊँनी और शास्त्रीय होली गायन में ढोलक-हुड़के की थाप पर कदम भी मिलाए। इस दौरान उन्होंने काशीपुर के लिए करोड़ों की विकास योजनाओं का रोडमैप भी जनता के सामने रखा।

कुछ खास: मुख्यमंत्री के संबोधन की 4 बड़ी बातें
- सांस्कृतिक पहचान: होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि परस्पर प्रेम और सामाजिक सद्भाव बढ़ाने का माध्यम है।
- जड़ों से जुड़ाव: युवा पीढ़ी आधुनिकता के साथ आगे बढ़े, लेकिन अपनी लोक-संस्कृति और परंपराओं पर गर्व करना न भूले।
- विकल्प रहित संकल्प: सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- बचपन की यादें: सीएम ने बताया कि कैसे बचपन में वे होली और घर में बनने वाली गुजिया की खुशबू का बेसब्री से इंतजार करते थे।
काशीपुर को सौगातों का ‘रंग’: विकास के लिए पिटारा खोला
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का ब्यौरा दिया:

- इंडस्ट्रियल हब: 133 एकड़ में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर पार्क विकसित, 16 इकाइयों का आवंटन।
- कनेक्टिविटी: काशीपुर-रामनगर हाईवे के लिए ₹494 करोड़ स्वीकृत; 3 किमी लंबा मिनी बाईपास शुरू।
- बुनियादी ढांचा: ₹1950 करोड़ की फंडिंग से पेयजल, सीवरेज और सड़क सुधार के कार्य तेज।
- आध्यात्मिक कॉरिडोर: चैती मंदिर को ‘मानसखंड कॉरिडोर’ से जोड़कर सांस्कृतिक केंद्र बनाया जाएगा।
इनकी रही मौजूदगी
समारोह में विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, शिव अरोरा, मेयर दीपक बाली, मेयर विकास शर्मा, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, पूर्व विधायक हरभजन सिंह चीमा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया और एसएसपी अजय गणपति सहित भारी संख्या में जनसमुदाय उपस्थित रहा।
“हमारा लक्ष्य है कि काशीपुर आस्था और श्रद्धा की नगरी के साथ-साथ विकास के मामले में भी प्रदेश का अग्रणी क्षेत्र बने।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

