
देहरादून: भारत सरकार की नई और महत्वाकांक्षी योजना ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ (VB-G RAM G अधिनियम) उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस योजना को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल मनरेगा का नाम बदलना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण रोजगार नीति की एक संरचनात्मक पुनर्रचना है। सीएम ने विशेष रूप से जोर दिया कि आपदा संवेदनशील राज्य होने के नाते उत्तराखंड को इस योजना से बड़ा सहारा मिलेगा।
अब 100 नहीं, 125 दिन रोजगार की गारंटी
सीएम धामी ने बताया कि इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 दिन की जगह 125 दिन के रोजगार का अधिकार मिलेगा, जो पहले से 25 फीसदी अधिक है।
- बेरोजगारी भत्ता: अगर आवेदन के 15 दिन के भीतर काम नहीं मिला, तो अनिवार्य रूप से बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है।
- साप्ताहिक भुगतान: मजदूरों को भुगतान साप्ताहिक आधार पर होगा और देरी होने पर मुआवजे का भी प्रावधान है।
हिमालयी राज्यों के लिए खजाना: 90:10 का फार्मूला
उत्तराखंड के लिहाज से इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका फंडिंग पैटर्न है। सीएम ने बताया कि सामान्य राज्यों के लिए केंद्र और राज्य का अनुपात 60:40 है, लेकिन उत्तराखंड जैसे हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 रखा गया है। यानी 90 प्रतिशत पैसा केंद्र सरकार देगी। इससे राज्य पर वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा और गांवों का विकास तेजी से होगा।
आपदा प्रबंधन में मिलेगी बड़ी मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड हर साल भूस्खलन, बादल फटने और जलभराव जैसी आपदाओं का सामना करता है। ‘VB-G RAM G’ के तहत मिलने वाली धनराशि का उपयोग आपदा से हुए नुकसान की भरपाई और बचाव कार्यों में किया जा सकेगा।
- योजना के तहत रिटेनिंग वॉल, ड्रेनेज, चेकडैम और जल संरक्षण जैसे कार्य कराए जा सकेंगे।
- ग्राम सभा स्तर पर तत्काल एक्शन लेकर पीड़ितों को त्वरित सहायता पहुंचाई जा सकेगी।
किसानों और ग्राम पंचायतों को मिली असली ताकत
- किसानों के हित: खेती की बुवाई और कटाई के समय (अधिकतम 60 दिन) योजना के काम कानूनी रूप से रोके जा सकेंगे। इससे किसानों को मजदूरों की कमी नहीं होगी और खेती की लागत नहीं बढ़ेगी।
- ग्राम सभा का राज: अब काम ऊपर से नहीं थोपे जाएंगे। विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा खुद करेगी और कम से कम 50% काम सीधे ग्राम पंचायतों के स्तर पर होंगे।
टेक्नोलॉजी से रुकेगा भ्रष्टाचार
योजना को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए हाई-टेक व्यवस्था की गई है। इसमें बायोमेट्रिक हाजिरी, जियो-टैगिंग, जीआईएस मैपिंग और एआई (AI) आधारित फ्रॉड डिटेक्शन शामिल है। साल में दो बार अनिवार्य सोशल ऑडिट भी किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण पर जोर
योजना में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष प्रावधान हैं। स्वयं सहायता समूहों (SHG) के लिए शेड निर्माण और स्किल सेंटर बनाए जाएंगे। साथ ही, प्रशासनिक खर्च को 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है, जिससे रोजगार सहायकों और तकनीकी स्टाफ की ट्रेनिंग बेहतर हो सकेगी।
सीएम धामी ने विश्वास जताया कि यह अधिनियम किसानों को सुरक्षा, श्रमिकों को रोजगार और महिलाओं को सम्मान दिलाकर ‘विकसित उत्तराखंड’ की नींव रखेगा। एसबीआई (SBI) के विश्लेषण के अनुसार, इस अधिनियम से राज्यों को करीब 17,000 करोड़ का शुद्ध लाभ होने का अनुमान है।
