
देहरादून | उत्तराखंड में खेलों और खिलाड़ियों के लिए सुखद खबर है। 38वें राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर इतिहास रचने वाले राज्य के 243 खिलाड़ियों को जल्द ही सरकारी नौकरी मिलने जा रही है। विशेष प्रमुख सचिव (खेल) अमित सिन्हा ने बताया कि खिलाड़ियों की सीधी भर्ती के प्रस्ताव को कार्मिक विभाग ने अपनी मंजूरी दे दी है। अब फाइल अंतिम स्वीकृति के लिए वित्त विभाग के पास भेजी गई है।
इन स्टार खिलाड़ियों का रहा जलवा
राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने मुक्केबाजी, ताइक्वांडो और एथलेटिक्स में शानदार प्रदर्शन किया था।
- अंकिता ध्यानी: 5000 मीटर रेस और 3000 मीटर बाधा दौड़ में दो स्वर्ण पदक जीते।
- बॉक्सिंग: निवेदिता कार्की, कपिल पोखरिया और नरेंद्र ने गोल्ड मेडल जीते।
- ताइक्वांडो: पूजा ने शानदार प्रदर्शन कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
नौकरी के लिए 3 विकल्पों पर विचार
खेल विभाग ने खिलाड़ियों को नौकरी देने के लिए शासन को जो प्रस्ताव भेजा है, उसमें तीन मुख्य विकल्प दिए गए हैं:
- सभी 243 पद अकेले खेल विभाग में सृजित किए जाएं।
- पुलिस, वन और खेल सहित 6 प्रमुख विभागों में पद बांटे जाएं।
- राज्य के अन्य विभिन्न विभागों में खिलाड़ियों के लिए अलग से पद सृजित किए जाएं।
खेल मंत्री की पहल: मुख्य सचिव को लिखा पत्र
बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की खेल नीति में पदक विजेताओं को सीधे सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है, लेकिन प्रक्रियात्मक देरी के कारण खिलाड़ी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। खेल मंत्री रेखा आर्या ने हाल ही में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को पत्र लिखकर इस प्रक्रिया में तेजी लाने और सभी पद खेल विभाग में ही सृजित करने का सुझाव दिया था।
अब वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार
कार्मिक विभाग की हरी झंडी मिलने के बाद अब गेंद वित्त विभाग के पाले में है। अमित सिन्हा के मुताबिक, जैसे ही वित्त विभाग से बजट और पदों को लेकर वित्तीय मंजूरी मिलती है, वैसे ही खिलाड़ियों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
