
देहरादून: उत्तराखंड के राजभवन में गुरुवार को एक भावुक और गौरवमयी क्षण देखने को मिला। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित पुस्तक ‘पुष्कर धामी: हिमालय की जीवंत ऊष्मा’ (Pushkar Dhami: The Vibrant Heat of the Himalayas) का विमोचन किया। युवा लेखिका संभावना पंत द्वारा लिखित यह पुस्तक महज एक जीवनी नहीं, बल्कि उत्तराखंड के एक साधारण सैनिक परिवार से निकले बालक के संघर्ष और राज्य के मुख्य सेवक बनने तक की प्रेरणादायी यात्रा का दस्तावेज है।
मुख्य अंश:
- संघर्ष से शिखर तक: पुस्तक में सीएम धामी के बचपन की कठिनाइयों, उनके छात्र जीवन के संघर्षों और राजनीतिक सफर के उतार-चढ़ाव को 13 अध्यायों में पिरोया गया है।
- भावुक क्षण: विमोचन के दौरान अपने पुराने दिनों को याद करते हुए मुख्यमंत्री धामी भावुक हो गए। उन्होंने अपने माता-पिता के त्याग और सैनिक पृष्ठभूमि के अनुशासन को अपनी सफलता का मूल मंत्र बताया।
- राज्यपाल का संदेश: राज्यपाल गुरमीत सिंह ने लेखिका संभावना पंत की सराहना करते हुए कहा कि “बेटियां साक्षात् ईश्वर का रूप होती हैं।” उन्होंने सीएम धामी के नेतृत्व को राज्य के लिए ऊर्जावान और दूरदर्शी बताया।
- दिग्गजों की मौजूदगी: इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती भी उपस्थित रहे, जिन्होंने पुस्तक को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।
