
देहरादून: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में पिछले 48 घंटों से जारी भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है, लेकिन साथ ही पर्यटन को भी नई ऊंचाइयां दी हैं। पहाड़ों की रानी मसूरी में सीजन की पहली बर्फबारी का आनंद लेने के लिए करीब 1 लाख सैलानी पहुंच चुके हैं, जिससे शहर के होटल और सड़कें पूरी तरह पैक हो गई हैं।
केदारनाथ धाम में 4 फीट बर्फ, -16 डिग्री तापमान
विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम पूरी तरह से सफेद चादर में लिपटा हुआ है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में 4 फीट से ज्यादा बर्फ जमा हो चुकी है। तापमान गिरकर माइनस 16 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। विषम परिस्थितियों के बावजूद आईटीबीपी (ITBP) और रुद्रप्रयाग पुलिस के जवान मंदिर की सुरक्षा और निगरानी के लिए तैनात हैं।कपाट बंद होने के बावजूद वहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।
बागेश्वर और उत्तरकाशी में थमे रास्तों के पहिए, बुलानी पड़ी JCB
भारी बर्फबारी ने कई जिलों में परिवहन सेवाओं को ठप कर दिया है। उत्तरकाशी और बागेश्वर के पहाड़ी रास्तों पर भारी हिमपात के कारण सड़कें बंद हो गई हैं। स्थिति को संभालने और मुख्य मार्गों से बर्फ हटाने के लिए जिला प्रशासन को JCB मशीनों का सहारा लेना पड़ा है।गंगोत्री और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर भी कई जगहों पर फिसलन बढ़ने के कारण यातायात सावधानी से संचालित किया जा रहा है।
सैलानियों का सैलाब और प्रशासन की चुनौतियां
मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ के चलते मॉल रोड और धनोल्टी मार्ग पर लंबा ट्रैफिक जाम देखा गया। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
- मसूरी: होटलों में ऑक्यूपेंसी 90% से ऊपर पहुंच गई है।
- चुनौती: बर्फबारी के कारण बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी आ रही हैं।
- अलर्ट: मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में एवलांच (हिमस्खलन) की चेतावनी जारी की है।
किसानों के लिए राहत की बारिश
लंबे समय से सूखे की मार झेल रहे किसानों और बागवानों के लिए यह बारिश और बर्फबारी किसी वरदान से कम नहीं है। खासकर सेब के बागवानों और रबी की फसल के लिए यह नमी बेहद जरूरी मानी जा रही है। प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से पहले मौसम की जानकारी लें और फिसलन वाले रास्तों पर गाड़ी चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।
