
देहरादून.
उत्तराखंड में होली के जश्न के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग और 108 एंबुलेंस सेवा पूरी तरह मुस्तैद है। होली पर एंबुलेंस सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा गया है। 108 सेवा के जीएम अनिल शर्मा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए हैं कि त्योहार के दौरान कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द रहेंगी।
देहरादून समेत प्रदेशभर में एंबुलेंस जाम में न फंसे, इसके लिए तकनीकी व्यवस्था के साथ पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही कॉल सेंटर में स्टाफ बढ़ाया गया है ताकि सूचना मिलते ही मदद पहुंचाई जा सके।
खबर में आगे पढ़िए 3 अहम तैयारियां…
- बैकअप तैयार: प्रदेशभर में किसी एंबुलेंस के खराब होने की स्थिति के लिए 18 अतिरिक्त ‘बैकअप एंबुलेंस’ तैनात की गई हैं।
- सुरक्षा कर्मी होंगे साथ: देहरादून और हरिद्वार जैसे मैदानी जिलों में एंबुलेंस स्टाफ के साथ सुरक्षा कर्मी भी तैनात करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि तीमारदारों या मरीजों को दिक्कत न हो।
- मोबाइल टीमें रखेंगी नजर: सभी जिलों में मोबाइल टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक कर्मचारियों की सक्रियता चेक करेंगी।
देहरादून में इन 8 जगहों पर खड़ी रहेंगी एंबुलेंस
इमरजेंसी कॉल आते ही तुरंत रिस्पांस मिले, इसके लिए देहरादून के मुख्य चौराहों पर एंबुलेंस तैनात की गई हैं। इनमें सर्वे चौक, घंटाघर, जाखन, रायपुर, बल्लूपुर चौक, प्रेमनगर, विधानसभा और रेसकोर्स शामिल हैं। यहां से एंबुलेंस किसी भी दिशा में तत्काल रवाना हो सकेंगी।
जाम से बचने के लिए स्पेशल प्लान
जीएम अनिल शर्मा ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में एंबुलेंस जाम में न फंसे, इसके लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। जाम की स्थिति की पूर्व सूचना देहरादून स्थित सेंट्रल कॉल सेंटर को मिलेगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद ली जाएगी। कॉल सेंटर में अतिरिक्त टेक्निकल स्टाफ की ड्यूटी भी लगाई गई है।
सावधानी जरूरी: पिछले साल एक्सीडेंट के 160 केस आए थे
आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल होली (13 से 15 मार्च 2025) के दौरान 3 दिन में ही 108 सेवा के पास 1,186 मामले आए थे।
- रोड एक्सीडेंट: 160 मामले
- मारपीट/चोट: 699 अन्य मामले
- हृदय रोग: 32 मामले
- प्रसव: 295 मामले
इन आंकड़ों को देखते हुए इस साल विभाग ज्यादा सतर्कता बरत रहा है।
