
देहरादून: उत्तराखंड सरकार पर्यटन क्षेत्र की रीढ़ मानी जाने वाली ‘होम स्टे योजना’ (Home Stay Scheme) में बड़े बदलाव करने जा रही है। राज्य सरकार ने मन बना लिया है कि इस योजना का लाभ अब केवल उत्तराखंड के मूल निवासियों को ही दिया जाएगा। पर्यटन विभाग ने इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर लिया है, जिसे जल्द ही होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
बाहरी लोगों के लिए बंद होगी योजना
सरकार के नए प्रस्ताव के मुताबिक, अब उत्तराखंड से बाहर के लोग होम स्टे योजना के तहत पंजीकरण नहीं करा सकेंगे। अब तक बड़ी संख्या में राज्य के बाहर के लोग इस योजना का लाभ उठा रहे थे, जिससे स्थानीय निवासियों के हित प्रभावित हो रहे थे। सरकार का उद्देश्य इस योजना को पूरी तरह से स्थानीय लोगों के लिए आरक्षित करना है, ताकि पहाड़ के युवाओं को रोजगार मिले और आर्थिकी मजबूत हो।
शहरों में खत्म होगी स्कीम, गांवों पर फोकस
प्रस्ताव में एक और अहम बदलाव किया गया है। सरकार अब शहरी क्षेत्रों से होम स्टे योजना को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने जा रही है। भविष्य में इस योजना का लाभ केवल ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में ही मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे पर्यटन का लाभ गांवों तक पहुंचेगा और पलायन रोकने में मदद मिलेगी।
बाहरी लोग चला सकेंगे BnB, लेकिन नहीं मिलेगी छूट
नई व्यवस्था के तहत, यदि उत्तराखंड के बाहर के लोग यहां पर्यटन व्यवसाय करना चाहते हैं, तो वे अपने घरों को ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ (BnB) के रूप में संचालित कर सकते हैं। लेकिन उन्हें होम स्टे वाली सुविधाएं नहीं मिलेंगी। उन्हें:
- व्यावसायिक दरों पर टैक्स देना होगा।
- जीएसटी (GST) का भुगतान करना होगा।
वहीं, स्थानीय होम स्टे संचालकों को पहले की तरह घरेलू दरों पर बिजली-पानी और जीएसटी में छूट मिलती रहेगी।
जल्द लग सकती है मुहर
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ज्याल ने बताया कि होम स्टे योजना को स्थानीय लोगों तक सीमित रखने का प्रस्ताव तैयार है। इसे अगली कैबिनेट बैठक में लाया जा रहा है। कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही नए नियम लागू कर दिए जाएंगे।
