देहरादून: पड़ोसी राज्यों में लंपी रोग (Lumpy Skin Disease) के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। गोवंशीय (गाय) और महिषवंशीय (भैंस) पशुओं में संक्रमण के खतरे को रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। इसके तहत एक से दूसरे जिले तथा अन्य राज्यों से पशुओं के परिवहन (आवाजाही) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। वहीं, बीमारी की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग द्वारा टीकाकरण अभियान को युद्ध स्तर पर तेज कर दिया गया है।
विभागीय सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राज्य में अगले एक महीने तक गोवंशीय और महिषवंशीय पशुओं की किसी भी प्रकार की प्रदर्शनी, पशु मेलों और उन्हें एकत्र किए जाने से जुड़ी सभी गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने यह एडवाइजरी जारी की है। गौरतलब है कि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश सहित कुछ अन्य राज्यों में लंपी रोग तेजी से पैर पसार रहा है, जिसे देखते हुए राज्य की सीमाओं और जिलों में विशेष चौकसी बरती जा रही है।
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. उदय शंकर ने बताया कि कुछ पशुओं में लंपी रोग के प्राथमिक लक्षण दिखाई देने पर 12 सैंपल एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
उन्होंने रोग के संबंध में जानकारी देते हुए बताया:
पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से सतर्कता बरतने की अपील करते हुए निम्नलिखित उपाय अपनाने की सलाह दी है:
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