देहरादून | उत्तराखंड में वर्षवार नर्सिंग भर्ती की मांग को लेकर सर्वे चौक पर चल रहा 60 घंटे का हाई-वोल्टेज ड्रामा बुधवार को खत्म हो गया। सरकार से मिले ठोस आश्वासन के बाद कांग्रेस महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला समेत पांचों आंदोलनकारी पानी की टंकी से नीचे उतर आए हैं। नर्सिंग बेरोजगारों ने फिलहाल अपने साढ़े पांच महीने पुराने आंदोलन को एक महीने के लिए स्थगित कर दिया है।
पिछले तीन दिनों से ज्योति रौतेला और 4 नर्सिंग अभ्यर्थी पानी की टंकी पर डटे हुए थे। प्रशासन और पुलिस के हाथ-पांव तब फूल गए थे जब एक प्रदर्शनकारी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया था। बुधवार को पुलिस प्रशासन, SDRF और फायर सर्विस की मौजूदगी में सभी को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
मामले के शांत होने पर स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार बेरोजगारों की मांगों के प्रति गंभीर है।
मंगलवार शाम को स्वास्थ्य महानिदेशक (DG Health) डॉ. सुनीता टम्टा खुद धरनास्थल पहुंची थीं। उन्होंने आंदोलनकारियों से लंबी बातचीत की और भरोसा दिलाया कि उनका प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा। हालांकि उस वक्त बात नहीं बनी थी, लेकिन बुधवार को सरकार की ओर से मिले पुख्ता भरोसे के बाद आंदोलनकारियों ने नीचे उतरने का फैसला किया।
नर्सिंग बेरोजगारों के नीचे उतरने से प्रशासन ने राहत की सांस ली है, लेकिन यह केवल ‘सीजफायर’ है। अभ्यर्थियों ने साफ किया है कि आंदोलन केवल 1 महीने के लिए स्थगित हुआ है, खत्म नहीं। अगर एक महीने के भीतर सरकार ने नियमावली में संशोधन या भर्ती प्रक्रिया पर ठोस निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन दोबारा और उग्र रूप में शुरू हो सकता है।
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