
देहरादून: उत्तराखंड एक और राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन की मेजबानी के लिए तैयार है। नवंबर में प्रस्तावित 28वीं अखिल भारतीय वन खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन देहरादून में किया जाएगा, जिसमें देशभर से लगभग 4,000 खिलाड़ियों के शामिल होने की उम्मीद है। राज्य स्थापना दिवस से पहले इस पांच दिवसीय खेल महाकुंभ को संपन्न कराने की योजना है।
यह दूसरी बार है जब उत्तराखंड इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। आयोजन को सफल बनाने के लिए वन विभाग ने युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स स्टेडियम और परेड ग्राउंड को मुख्य आयोजन स्थलों के रूप में चुना गया है, जबकि अन्य विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
इस बड़े आयोजन में 24 विभिन्न खेलों की कुल 297 स्पर्धाएं होंगी। प्रतियोगिता के सुचारू संचालन के लिए वन विभाग ने 10 कमेटियों का गठन किया है, जो खिलाड़ियों के ठहरने, वीवीआईपी प्रोटोकॉल, और खेल स्थलों की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की देखरेख करेंगी। इसके अतिरिक्त, दो और उच्च-स्तरीय कमेटियों का गठन प्रक्रिया में है। इनमें से एक एग्जीक्यूटिव कमेटी होगी, जिसकी अध्यक्षता प्रमुख वन संरक्षक (हॉफ) करेंगे, और दूसरी शासन स्तर की हाई पावर कमेटी होगी जो आवश्यक बुनियादी ढांचे के निर्माण और अन्य महत्वपूर्ण अनुमतियों पर निर्णय लेगी।
मेजबानी के साथ-साथ उत्तराखंड एक मजबूत टीम उतारने के लिए भी प्रतिबद्ध है। वन विभाग प्रदेश भर में ट्रायल आयोजित कर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों की खोज कर रहा है। चयनित एथलीटों को अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा विशेष कोचिंग भी प्रदान की जाएगी ताकि वे प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।
पिछली बार यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित हुई थी, जहां उत्तराखंड ने देश में छठा स्थान हासिल किया था। इस बार घरेलू मैदान पर उत्तराखंड का लक्ष्य अपने प्रदर्शन में और सुधार करना है। विभाग के पास अब इस राष्ट्रीय आयोजन की तैयारी के लिए लगभग दो महीने का समय शेष है।
