पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पर्यटन विभाग का बड़ा फैसला, जनवरी 2026 से शुरू होगा 900 गाइडों का विशेष प्रशिक्षण

देहरादून: उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) को सुरक्षित बनाने और राफ्टिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने दो बड़े फैसले लिए हैं। अब प्रदेश में राफ्टिंग गाइडों की अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है। इसके साथ ही, पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी गाइडों को 3 दिवसीय अनिवार्य प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) प्रशिक्षण लेना होगा।
यह निर्णय सचिवालय में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल और राफ्टिंग एसोसिएशन के बीच हुई अहम बैठक में लिया गया।
बैठक के मुख्य बिंदु:
- अनिवार्य फर्स्ट एड और सीपीआर ट्रेनिंग: अब गंगा व अन्य नदियों पर राफ्टिंग कराने वाले गाइडों के पास फर्स्ट एड और सीपीआर (CPR) की तकनीकी जानकारी होना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य यह है कि राफ्टिंग के दौरान अगर कोई हादसा हो जाए, तो गाइड तत्काल मौके पर ही पर्यटक को प्राथमिक उपचार दे सकें।
- जनवरी 2026 से शुरू होगा प्रशिक्षण: प्रदेश भर के करीब 900 राफ्टिंग गाइडों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण अमेरिका की प्रतिष्ठित संस्था ‘हैनीफिल सेंटर’ के माध्यम से दिया जाएगा। इसकी शुरुआत जनवरी 2026 के पहले सप्ताह से हो जाएगी।
- आयु सीमा में 10 साल की बढ़ोतरी: राफ्टिंग एसोसिएशन की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए, पर्यटन विभाग ने गाइडों के काम करने की अधिकतम उम्र 50 साल से बढ़ाकर 60 साल करने पर अपनी सहमति दे दी है।
पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर:
बैठक में राफ्टिंग एसोसिएशन ने कई अन्य मुद्दों पर भी बात की, जिस पर पर्यटन सचिव ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया है:
- राफ्टिंग पर्यटकों की सुरक्षा के लिए नदी तटों के पास एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।
- मुख्य मार्ग से राफ्टिंग पिकअप प्वाइंट (Pickup Point) तक जाने वाले रास्तों को सुधारा जाएगा।
- गंगा नदी की वहन क्षमता (Carrying Capacity) का पुनः आकलन किया जाएगा।
- नदी तटों पर राफ्टिंग कैंपों की स्थापना के नियमों पर भी चर्चा हुई।
