देहरादून | उत्तराखंड सरकार अब राज्य के साहित्यकारों की सुध लेने जा रही है। प्रदेश में न केवल ‘साहित्य कल्याण कोष’ (Literature Welfare Fund) बनाया जाएगा, बल्कि बुजुर्ग साहित्यकारों के लिए पेंशन योजना भी शुरू की जाएगी। भाषा मंत्री खजानदास ने सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इसके लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
भाषा मंत्री खजानदास ने कहा कि विभाग के कार्यों को विस्तार देने के लिए विभागीय बजट बढ़ाया जाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे भाषा विभाग के नए ढांचे, प्रशिक्षण शिविरों, और साहित्य कल्याण कोष के लिए विस्तृत बजट प्रस्ताव तैयार करें। इससे राज्य के लेखकों को एक सुरक्षित मंच और आर्थिक मदद मिल सकेगी।
बैठक में राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति को बचाने पर भी जोर दिया गया।
भाषा मंत्री ने निर्देश दिए कि भाषा संस्थान की साधारण सभा के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके लिए सभी जिलों से प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम मांगे गए हैं। बैठक में सचिव उमेश नारायण पांडेय, निदेशक मायावती डकरियाल और जसंविदर कौर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मास्टर प्लान के तहत तैयार हो रहा चार मंजिला सब-जिला अस्पताल, 31 अगस्त तक काम…
गांव लौटे प्रवासियों के अनुभवों और स्वरोजगार के प्रयासों को साझा करने पर जोर सितंबर…
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित 'मुख्य सेवक सदन' में मुख्यमंत्री उद्यमशाला…
टिहरी गढ़वाल :उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों को…
नैनीताल उत्तराखंड उच्च न्यायालय को नैनीताल से हल्द्वानी के बेल बाबा क्षेत्र में स्थानांतरित करने…
रुड़की :उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली कोसी नदी बेसिन पर आने…