देहरादून | उत्तराखंड सरकार अब राज्य के साहित्यकारों की सुध लेने जा रही है। प्रदेश में न केवल ‘साहित्य कल्याण कोष’ (Literature Welfare Fund) बनाया जाएगा, बल्कि बुजुर्ग साहित्यकारों के लिए पेंशन योजना भी शुरू की जाएगी। भाषा मंत्री खजानदास ने सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को इसके लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
भाषा मंत्री खजानदास ने कहा कि विभाग के कार्यों को विस्तार देने के लिए विभागीय बजट बढ़ाया जाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे भाषा विभाग के नए ढांचे, प्रशिक्षण शिविरों, और साहित्य कल्याण कोष के लिए विस्तृत बजट प्रस्ताव तैयार करें। इससे राज्य के लेखकों को एक सुरक्षित मंच और आर्थिक मदद मिल सकेगी।
बैठक में राज्य की समृद्ध लोक संस्कृति को बचाने पर भी जोर दिया गया।
भाषा मंत्री ने निर्देश दिए कि भाषा संस्थान की साधारण सभा के गठन की प्रक्रिया शुरू की जाए। इसके लिए सभी जिलों से प्रतिष्ठित साहित्यकारों के नाम मांगे गए हैं। बैठक में सचिव उमेश नारायण पांडेय, निदेशक मायावती डकरियाल और जसंविदर कौर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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