
बड़ी कार्रवाई: एसएसपी अजय गणपति के नेतृत्व में पुलिस ने ट्रक और गोदाम पर मारा छापा, शिक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने वाला बड़ा सिंडिकेट बेनकाब
टीवी 10 इंडिया मीडिया नेटवर्क
रुद्रपुर। (ऊधमसिंह नगर)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड’ और ‘नकल माफिया के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए ऊधमसिंह नगर पुलिस ने एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर रुद्रपुर पुलिस ने एनसीईआरटी (NCERT) की फर्जी किताबों के एक विशाल साम्राज्य का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक ट्रक और गोदाम से करीब 05 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की नकली किताबें बरामद की हैं।
मुखबिर की सूचना पर रात 10 बजे बिछाया जाल
पुलिस को यह कामयाबी शनिवार (14 मार्च) की रात करीब 10:15 बजे मिली। मुखबिर ने सूचना दी कि किरतपुर रोड स्थित आनंदम गार्डन के पास से एक संदिग्ध ट्रक गुजर रहा है, जिसमें नकली किताबें लदी हैं। कोतवाली पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर कैंटर संख्या UP37BT-0562 को रोक लिया। तलाशी लेने पर ट्रक किताबों से खचाखच भरा मिला।
मेरठ जा रहा था माल, कागजों में मिली भारी गड़बड़ी
पुलिस की पूछताछ में चालक ने बताया कि यह माल किरतपुर के एक गोदाम से लोड कर मेरठ ले जाया जा रहा था। जब पुलिस ने इनवॉइस और अन्य दस्तावेजों की जांच की, तो उनमें भारी भिन्नता मिली। शक गहराते ही पुलिस ने शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों को मौके पर बुला लिया।
शिक्षा विभाग की जांच: लोगो और वाटरमार्क निकले फर्जी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी रुद्रपुर मौके पर पहुंचे। किताबों के बारीकी से परीक्षण के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए:
लोगो (Logo): असली एनसीईआरटी किताबों के लोगो और प्रिंटिंग में भारी अंतर था।
प्रिंटिंग क्वालिटी: छपाई की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की पाई गई।
वाटरमार्क: कागजों पर मौजूद वाटरमार्क और कागज की बनावट संदिग्ध मिली।
प्रथम दृष्टया: अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये किताबें पूरी तरह नकली और अवैध हैं।

गोदाम में मिला किताबों का जखीरा, मेरठ से जुड़े तार
ट्रक चालक की निशानदेही पर पुलिस किरतपुर स्थित गोदाम पहुंची, जहाँ ताला लगा मिला। रविवार (15 मार्च) को तहसीलदार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में गोदाम का ताला तोड़ा गया। अंदर का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए। पूरा गोदाम फर्जी किताबों के स्टॉक से भरा पड़ा था।
“यह गोदाम रुद्रपुर निवासी राजेश कुमार जैन का है, जिन्होंने इसे मेरठ निवासी संदीप (पुत्र रामभूर) को किराए पर दिया था। पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।” > — पुलिस जांच रिपोर्ट
NCERT को भेजी गई सूचना, पूरे नेटवर्क पर नजर
पुलिस ने इस फर्जीवाड़े की जानकारी दिल्ली स्थित एनसीईआरटी मुख्यालय को भेज दी है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन किताबों की छपाई कहाँ हो रही थी और इस आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
