UTTARAKHAND

पहाड़ों में नेटवर्क की टेंशन खत्म: ‘नो सिग्नल’ जोन में भी काम करेंगे फोन; स्टारलिंक सैटेलाइट से लैस होने वाली पहली फोर्स बनेगी उत्तराखंड SDRF

देहरादून/जौलीग्रांट | उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में अब इंटरनेट की ‘डेड जोन’ समस्या रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा नहीं बनेगी। उत्तराखंड SDRF (स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स) जल्द ही एलन मस्क की कंपनी ‘स्टारलिंक’ की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा का इस्तेमाल करने की तैयारी में है।

SDRF मुख्यालय जौलीग्रांट ने इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया है। यदि शासन से इसे मंजूरी मिलती है, तो उत्तराखंड SDRF देश की पहली ऐसी रेस्क्यू फोर्स बन जाएगी, जो सीधे सैटेलाइट इंटरनेट तकनीक से लैस होगी।

क्यों पड़ी इसकी जरूरत? (3 बड़े कारण)

  1. मोबाइल नेटवर्क का फेल होना: उत्तराखंड एक पहाड़ी और आपदा संवेदनशील राज्य है। लैंडस्लाइड या भारी बारिश के दौरान मोबाइल टावर ठप हो जाते हैं, जिससे रेस्क्यू टीम का संपर्क टूट जाता है।
  2. सैटेलाइट फोन की सीमा: वर्तमान में SDRF सैटेलाइट फोन का उपयोग करती है, लेकिन उससे केवल वॉयस कॉल या मैसेज ही हो सकते हैं।
  3. रियल टाइम मॉनिटरिंग: स्टारलिंक के जरिए आपदा स्थल से हाई-क्वालिटी वीडियो कॉल और डेटा शेयरिंग संभव होगी, जिससे मुख्यालय से रेस्क्यू ऑपरेशन की सटीक निगरानी की जा सकेगी।

क्या है स्टारलिंक और यह कैसे काम करेगा?

  • अंतरिक्ष से इंटरनेट: स्टारलिंक स्पेसएक्स की कंपनी है। यह जमीन पर बिछी केबल के बजाय अंतरिक्ष में मौजूद हजारों छोटे सैटेलाइट्स (LEO) के जरिए इंटरनेट देती है।
  • कैसे मिलेगा सिग्नल: रेस्क्यू साइट पर एक छोटा डिश एंटीना और वाईफाई राउटर लगाया जाएगा। यह डिश सीधे अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट से सिग्नल लेगी।
  • फायदा: जवान अपने सामान्य मोबाइल फोन को इस वाईफाई से कनेक्ट कर सकेंगे और घने जंगलों या गहरी घाटियों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट और कॉलिंग का लाभ ले सकेंगे।

चारधाम यात्रा में मिलेगी बड़ी मदद

आगामी वर्षों में चारधाम यात्रा के दौरान लाखों की भीड़ और दुर्गम रास्तों पर कनेक्टिविटी एक बड़ी चुनौती रहती है। स्टारलिंक के आने से यात्रा मार्ग के उन हिस्सों में भी इंटरनेट उपलब्ध होगा जहां फिलहाल कोई नेटवर्क नहीं है। इससे यात्रियों की सुरक्षा और आपातकालीन मदद में तेजी आएगी।


अधिकारी का बयान

“स्टारलिंक की सेवाओं के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। शासन की मंजूरी मिलने के बाद यह SDRF की कार्यक्षमता में बड़ी वृद्धि करेगा। दूर-दराज के क्षेत्रों में आपदा और रेस्क्यू कार्यों में इससे काफी मदद मिलेगी।”— अर्पण यदुवंशी, सेनानायक, SDRF

Tv10 India

Recent Posts

हरिद्वार कांवड़ यात्रा: गंगा के तेज बहाव में देवदूत बनी SDRF, 22 शिवभक्तों की बचाई जान; बिछड़े परिवारों का सहारा बनी पुलिस

हरिद्वार (उत्तराखंड)हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। अब…

2 hours ago

उत्तराखंड में 10 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के लिए 10 अगस्त तक का मौसम पूर्वानुमान जारी…

1 day ago

उत्तराखंड में आफत की बारिश: कालसी-चकराता मार्ग बंद, मलबे में फंसी कार; चमोली में भूस्खलन के बाद BRO का त्वरित एक्शन

जौनसार-बावर की लाइफलाइन कालसी-चकराता रोड जजरेड और टोंस मोड़ पर बंद, दो मशीनें तैनात टोंस…

1 day ago

उत्तराखंड में 2027 चुनाव से पहले बड़ा एक्शन: चुनाव आयोग ने 17 राजनीतिक दलों को किया बैन

6 साल से निष्क्रिय और बिना दफ्तर वाली 17 गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द…

1 day ago