प्रमुख बिंदु :
- परीक्षा में धांधली पर सख्त एक्शन: परीक्षाओं में अनिमियतता पाए जाने पर कुलपति, कुलसचिव और परीक्षा नियंत्रक होंगे सीधे जिम्मेदार; नकल विरोधी कानून के तहत होगी कार्रवाई।
- शिक्षकों की कमी होगी दूर: पॉलीटेक्निक संस्थानों में 480 गेस्ट फैकल्टी की जल्द नियुक्ति के आदेश, लंबित प्रस्ताव पर तुरंत एक्शन के निर्देश।
- शिक्षकों की ट्रेनिंग: देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में फैकल्टी को दी जाएगी ट्रेनिंग, लागू होगा FDP (फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम) कैलेंडर।
- निर्माण कार्यों में देरी बर्दाश्त नहीं: 8 जिलों के संस्थानों में चल रहे प्रोजेक्ट्स की समीक्षा; तय समय पर काम पूरा न होने पर तय होगी अफसरों की जवाबदेही।
देहरादून |उत्तराखंड के तकनीकी शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए शासन स्तर पर बड़े निर्देश जारी किए गए हैं। देहरादून में आयोजित तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता, शिक्षकों की कमी, शैक्षणिक कैलेंडर और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जैसे अहम मुद्दों पर सख्त फैसले लिए गए।
1. नकल विरोधी कानून के दायरे में आएंगे कुलपति और रजिस्ट्रार
समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय प्रशासन की परीक्षा प्रबंधन को लेकर जिम्मेदारी तय की गई है।
- पारदर्शिता और गोपनीयता अनिवार्य: तकनीकी विश्वविद्यालयों और उनके अधीन संचालित संस्थानों में परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और गोपनीय तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- कड़े एक्शन की चेतावनी: स्पष्ट किया गया है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी या धांधली सामने आती है, तो कुलपति (VC), कुलसचिव (Registrar) और परीक्षा नियंत्रक (Controller of Examinations) की सीधी जवाबदेही तय होगी।
- नकल विरोधी कानून: धांधली या लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों पर राज्य के सख्त नकल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
2. 480 गेस्ट फैकल्टी की जल्द होगी नियुक्ति, शैक्षणिक कैलेंडर होगा लागू
तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया कि राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में 480 गेस्ट फैकल्टी की नियुक्ति का प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित है।
- पढ़ाई पर न पड़े असर: नियुक्ति में देरी से छात्रों के प्रैक्टिकल और रेगुलर क्लास प्रभावित न हों, इसके लिए अधिकारियों को प्रस्ताव पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- रिक्त पद भरे जाएंगे: लंबे समय से खाली पड़े शैक्षणिक और शिक्षणेत्तर (नॉन-टीचिंग) पदों को शीघ्र भरने का भी निर्णय लिया गया।
- शैक्षणिक कैलेंडर: संस्थानों में पठन-पाठन, प्रयोगात्मक प्रशिक्षण और परीक्षाओं को समय पर पूरा कराने के लिए एक सख्त अकैडेमिक कैलेंडर लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
3. देश के नामी संस्थानों में मिलेगी शिक्षकों को स्पेशल ट्रेनिंग (FDP)
तकनीकी शिक्षा के स्तर को आधुनिक तकनीक और नई शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने के लिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है।
- इसके तहत फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) कैलेंडर लागू किया जाएगा।
- पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों के शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों (जैसे IITs/NITs) में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा, जिससे वे नई टेक्नोलॉजी सीखकर छात्रों को बेहतर कौशल दे सकें।
4. निर्माण कार्यों में देरी पर कसेगा शिकंजा, 8 जिलों के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा
बैठक में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के विकास को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया। राजकीय पॉलीटेक्निक और प्रौद्योगिकी संस्थानों में भवनों, प्रयोगशालाओं और अन्य निर्माण कार्यों की संस्थानवार समीक्षा की गई।
- इन जिलों की हुई समीक्षा: गोपेश्वर, उत्तरकाशी, टिहरी, पंतनगर, टनकपुर, पिथौरागढ़, पौड़ी और अल्मोड़ा के संस्थानों में चल रहे प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा की गई।
- समय सीमा और गुणवत्ता पर जोर: अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं।
- अफसरों पर होगी कार्रवाई: निर्माण कार्य समय पर पूरे न होने से छात्रों को प्रयोगशालाओं और नई सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है। इसलिए तय समय सीमा में काम पूरा न होने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।