8 हजार कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ, 24 दिसंबर की कैबिनेट में आ सकता है नियमितीकरण का प्रस्ताव

देहरादून: उत्तराखंड सरकार नए साल के मौके पर उपनल (UPNL) के माध्यम से विभिन्न सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारियों को बड़ी राहत देने जा रही है। सरकार ने ‘समान कार्य के लिए समान वेतन’ (Equal Pay for Equal Work) के दायरे को बढ़ाते हुए अब 10 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को इसमें शामिल करने का मन बनाया है।
समिति की बैठक में बड़ा फैसला
उपनल कर्मियों के नियमितीकरण और समान वेतन के मुद्दों को सुलझाने के लिए वन मंत्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में बनी कैबिनेट उप-समिति की सोमवार को तीसरी अहम बैठक हुई। समिति ने विचार-विमर्श के बाद सरकार को अपनी रिपोर्ट देने की तैयारी कर ली है।
- बदला नियम: पहले 12 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को समान वेतन देने पर विचार हो रहा था, जिससे केवल 3500 से 4000 कर्मचारी लाभान्वित हो रहे थे।
- बढ़ी संख्या: अब समिति ने 12 साल के स्थान पर 10 साल की सेवा को आधार बनाने की तैयारी की है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 8,000 उपनल कर्मचारी सीधे तौर पर ‘समान कार्य-समान वेतन’ के दायरे में आ जाएंगे।
चरणबद्ध तरीके से मिलेगा लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि उपनल कर्मचारियों को यह लाभ चरणबद्ध तरीके (Phased Manner) से दिया जाएगा। पहले चरण में उन कर्मचारियों को वरीयता दी जाएगी जिन्होंने 10 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। इसके बाद अगले चरणों में अन्य कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
24 दिसंबर की कैबिनेट बैठक पर टिकी निगाहें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में 24 दिसंबर को होने वाली कैबिनेट बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में संविदा, तदर्थ और दैनिक कार्यप्रभारित कर्मचारियों के नियमितीकरण का मामला भी लाया जा सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार 2018 या 2022 तक तैनात कर्मचारियों के नियमितीकरण (Regularization) पर कोई बड़ा ऐतिहासिक फैसला ले सकती है।
