
देहरादून: उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड के बीच मौसम एक बार फिर बड़ी करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य में 27 जनवरी से 2 फरवरी तक भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। 23 जनवरी को हुई बर्फबारी के बाद अब एक हफ्ते तक चलने वाला यह स्पेल पर्यटकों के चेहरे पर खुशी तो ला सकता है, लेकिन स्थानीय निवासियों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
मौसम विभाग ने 27 जनवरी को प्रदेश के सात जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में शामिल हैं:
- उत्तरकाशी
- देहरादून
- रुद्रप्रयाग
- चमोली
- नैनीताल
- बागेश्वर
- पिथौरागढ़
इन इलाकों के साथ-साथ पौड़ी, टिहरी, हरिद्वार, चंपावत, अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर में भी ओलावृष्टि (Hailstorm) और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
अगले 7 दिनों का पूरा शेड्यूल (27 जनवरी – 2 फरवरी)
मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह का विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है:
- 28 जनवरी: कुमाऊं मंडल के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और 2,500 मीटर से ऊंचे इलाकों में बर्फबारी होगी। गढ़वाल में भी कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
- 29 और 30 जनवरी: उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में 2,800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रहेगी।
- 31 जनवरी: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
- 1 और 2 फरवरी: राज्य के पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब रहेगा और 2,800 मीटर से ऊंचे इलाकों में बर्फ गिरती रहेगी।
प्रशासन और जनता के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने 27 और 28 जनवरी के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। भारी बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले इलाकों में सड़कें बंद हो सकती हैं।
मुख्य सावधानियां:
- रास्ते बंद होने का खतरा: बर्फबारी की वजह से संपर्क मार्ग कट सकते हैं, प्रशासन को जेसीबी मशीनों और स्नो कटर को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- तेज हवाएं और ओलावृष्टि: मैदानी और निचले पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोग ओलावृष्टि और तेज हवाओं से बचने के उपाय करें।
- पर्यटक ध्यान दें: यदि आप ऊंचाई वाले इलाकों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम की जानकारी लेकर ही घर से निकलें।
उत्तराखंड में इस बार लंबे इंतजार के बाद बर्फबारी का सिलसिला शुरू हुआ है, जो खेती और पर्यटन के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है, लेकिन सावधानी ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।
