
उत्तरकाशी/देहरादून: उत्तराखंड के उत्तरकाशी में बादल फटने से आई विनाशकारी आपदा के बीच एक मासूम बच्ची की सिसकियों ने हर किसी का दिल दहला दिया। राहत शिविर में बदहवास घूम रही खुशबू नाम की बच्ची जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिली तो रोते-बिलखते हुए बोली, “सर, मेरे मम्मी-पापा से बात करवा दो।” मासूम की यह मार्मिक गुहार सुनकर मुख्यमंत्री धामी भी भावुक हो गए।
यह भावुक क्षण उस भयावह त्रासदी की एक मानवीय तस्वीर पेश करता है, जिसने उत्तरकाशी के धराली गांव में भारी तबाही मचाई है। 5 अगस्त को बादल फटने के बाद आई भीषण बाढ़ और मलबे ने कई घरों और होटलों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे कई परिवार बिखर गए। इस आपदा में कई लोगों की जान चली गई और 50 से अधिक लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने संभाला मोर्चा, आपदा प्रभावितों के साथ खड़ी सरकार
आपदा की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी तिरुपति यात्रा रद्द कर दी और तुरंत देहरादून लौटकर राहत एवं बचाव कार्यों की कमान संभाली। उन्होंने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। सीएम धामी ने कहा, “हमारी पहली प्राथमिकता राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करना है। हमारी सरकार प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़ी है।”
मुख्यमंत्री ने आपदा में घायल हुए लोगों से अस्पताल जाकर मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एक पीड़ित से बात करते हुए उन्होंने ढांढस बंधाया और पूछा, “घरवालों से बात हो गई? सब ठीक है न? आपको घबराने की जरूरत नहीं है।”
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। प्रतिकूल मौसम और टूटे हुए रास्तों के बावजूद, बचाव दलों ने 130 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 190 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मुख्यमंत्री धामी से बात कर स्थिति की जानकारी ली और केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
इस आपदा के बीच एक और मार्मिक तस्वीर सामने आई, जब एक महिला पर्यटक ने मुख्यमंत्री धामी की कलाई पर राखी बांधकर आपदा राहत कार्यों के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
सरकार ने आपदा पीड़ितों की सहायता के लिए 20 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है और मुख्यमंत्री ने अपना एक महीने का वेतन भी राहत कोष में देने की घोषणा की है।
