Categories: Web Stories

भगवान विष्णु ने क्यों किया शिवजी के लिए अपनी आँख का बलिदान?

धरती पर असुरों के अत्याचार ने देवताओं का जीवन दूभर कर दिया था। चारों ओर आतंक का ऐसा साम्राज्य था कि देवता भी असुरों के भय से त्रस्त हो गए। जब सब उपाय विफल हो गए, तब उन्होंने भगवान विष्णु से सहायता की प्रार्थना की। भगवान विष्णु, जो समस्त सृष्टि के पालनकर्ता हैं, देवताओं के दुख को देखकर विचलित हो गए। उन्होंने समस्या का समाधान खोजने के लिए भगवान शिव की उपासना करने का निश्चय किया। इसके लिए उन्होंने घोर तपस्या आरंभ की। विष्णु जी ने शिवलिंग पर कमल के फूल चढ़ाने का व्रत लिया। हर बार भगवान शिव का नाम जपते हुए एक कमल पुष्प अर्पित करते। उनका संकल्प था कि वे एक हजार कमल पुष्प चढ़ाकर शिव को प्रसन्न करेंगे। भगवान शिव, जो भक्तों की परीक्षा लेने के लिए प्रसिद्ध हैं, उन्होंने विष्णु जी की तपस्या की परीक्षा लेने का निश्चय किया। उन्होंने गुप्त रूप से एक कमल का पुष्प चुरा लिया। विष्णु जी अपनी तपस्या में इतने लीन थे कि उन्हें इस घटना का पता भी नहीं चला। जब अंतिम पुष्प चढ़ाने का समय आया, तो उन्हें महसूस हुआ कि एक फूल कम है। यह उनकी तपस्या को पूर्ण होने से रोक सकता था। इस कठिन समय में भी भगवान विष्णु ने हार नहीं मानी। वे जानते थे कि अगर उनकी तपस्या में कोई कमी रह गई, तो देवताओं का संकट कभी समाप्त नहीं होगा। इसलिए बिना किसी संकोच के उन्होंने अपने नेत्र को कमल मानते हुए उसे शिवलिंग पर अर्पित कर दिया। भगवान विष्णु की इस अनोखी और निःस्वार्थ भक्ति को देखकर भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने तुरंत प्रकट होकर विष्णु जी को आशीर्वाद दिया और उनकी तपस्या को सफल किया। शिवजी ने असुरों के संहार का वचन दिया और विष्णु जी को कमलनयन के नाम से प्रसिद्ध किया साथ ही शिव ने भगवान विष्णु को सुदर्शन चक्र प्रदान किया. जिसके बाद विष्णुजी ने सुदर्शन चक्र से असुरों का संहार कर देवताओं को सुख प्रदान किया.

Tv10 India

Recent Posts

चमोली की बेटी आंचल फरस्वाण के सिर सजा ‘मिस इंडिया उत्तराखंड’ का ताज, अब मिस इंडिया में करेंगी प्रतिभाग

देहरादून/चमोली: उत्तराखंड की बेटियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि प्रतिभा के मामले…

2 hours ago

‘जन-जन की सरकार, चार साल बेमिसाल’: उत्तराखंड सरकार के 4 वर्ष पूरे, परेड ग्राउंड में सीएम धामी ने बनाया ‘सेल रोटी’, गिनाईं उपलब्धियां

देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के चार वर्ष…

2 hours ago

केदारनाथ धाम: कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के बीच ‘अभेद्य कवच’ बने जवान, शून्य से नीचे तापमान में भी सुरक्षा चाक-चौबंद

रुद्रप्रयाग/केदारनाथ:विश्व प्रसिद्ध ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम में हालिया भारी बर्फबारी के बाद पूरी केदार घाटी…

10 hours ago

क्या चारधाम में अब ‘शुद्धिकरण’ के बाद ही मिलेगी एंट्री? नियमों पर छिड़ा सियासी महाभारत

देहरादून: उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले ही 'प्रवेश नियमों' को लेकर प्रदेश…

12 hours ago

सियासत की भेंट चढ़ी आस्था? चारधाम में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर छिड़ी नई बहस

देहरादून | देवभूमि उत्तराखंड के विश्वप्रसिद्ध चारधामों में प्रवेश को लेकर लिए गए मंदिर समितियों के…

12 hours ago