
रुद्रपुर। ट्रांजिट कैंप क्षेत्र की लाइफलाइन माने जाने वाली झील-चामुंडा मंदिर मार्ग के कायाकल्प के साथ ही क्षेत्रवासियों का डेढ़ दशक पुराना इंतजार समाप्त हो गया है। विधायक शिव अरोरा ने रविवार को ₹2 करोड़ की लागत से नवनिर्मित सीसी सड़क का फीता काटकर विधिवत लोकार्पण किया। इस दौरान विधायक का चांदी का मुकुट पहनाकर और लड्डूओं से तौलकर अभूतपूर्व स्वागत किया गया।
श्वेत क्रांति: शहर की पहली व्हाइट टॉपिंग रोड
लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित यह 450 मीटर लंबी सड़क रुद्रपुर की पहली ऐसी सड़क है जिसे ‘व्हाइट टॉपिंग’ तकनीक से बनाया गया है। विधायक ने बताया कि यह मार्ग न केवल मजबूत है, बल्कि इतना चौड़ा है कि अब यहां लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति मिल गई है। सिडकुल जाने वाले कर्मचारियों और स्थानीय व्यापारियों के लिए अब आवागमन सुगम हो गया है।
विपक्ष पर साधा निशाना: ‘हमने कीचड़ में राजनीति नहीं, धरातल पर काम किया’
जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक शिव अरोरा ने पिछली सरकारों और जनप्रतिनिधियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों से यह सड़क बदहाली के आंसू रो रही थी। विपक्ष के लोग यहां कीचड़ में खड़े होकर और धान की रोपाई कर केवल राजनीति करते थे, लेकिन समाधान किसी ने नहीं निकाला। हमने झूठे वादे नहीं किए, बल्कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य योजना के तहत बजट स्वीकृत कराकर ईमानदारी से प्रयास किया, जो आज धरातल पर दिख रहा है।”
कार्यकर्ताओं ने लड्डूओं से तोला, पहनाया चांदी का मुकुट
लोकार्पण समारोह के दौरान ट्रांजिट कैंप पहुंचने पर विधायक का स्थानीय लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। चामुंडा मंदिर परिसर में आयोजित सभा में मंडल अध्यक्ष और पार्षदों ने विधायक को चांदी का मुकुट पहनाया और जनहित के इस कार्य के लिए उन्हें लड्डूओं से तौलकर आभार व्यक्त किया।
इनकी रही मौजूदगी: मंडल अध्यक्ष धीरेश गुप्ता, पूर्व पालिका अध्यक्ष मीना शर्मा, दिलीप अधिकारी, प्रीत ग्रोवर, अनिल शर्मा, पार्षद एमपी मौर्य, शिवकुमार गंगवार, राजेंद्र राठौर, कैलाश राठौर, राधेश शर्मा, मुकेश रस्तोगी, शम्मी गुप्ता, आनंद गुप्ता, प्रेमपाल, दीपू रस्तोगी समेत भारी संख्या में स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
खास बातें:
लागत: ₹2 करोड़ (राज्य योजना)।
तकनीक: रुद्रपुर की पहली व्हाइट टॉपिंग सीसी सड़क।
प्रभाव: झील से चामुंडा मंदिर तक जाम से मिलेगी स्थाई मुक्ति।
लाभार्थी: हजारों स्थानीय निवासी और सिडकुल कर्मचारी।
