
प्रमुख बिंदु:
- सर्वश्रेष्ठ फिल्म: यामी गौतम स्टारर फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में ‘सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म’ चुना गया है.
- बेस्ट एक्टर: बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन (चंदू चैंपियन) और मलयालम सिनेमा के दिग्गज ममूटी (ब्रमायुगम) ने संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार जीता.
- बेस्ट एक्ट्रेस: यामी गौतम को फिल्म ‘आर्टिकल 370’ में उनके दमदार अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला है.
- बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर: वरिष्ठ अभिनेता संजय मिश्रा को फिल्म ‘भक्षक’ के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है.
नई दिल्ली:
देश के सबसे प्रतिष्ठित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों (72nd National Film Awards) की घोषणा शनिवार शाम को नई दिल्ली में की गई. सूचना और प्रसारण मंत्रालय द्वारा आयोजित इस गरिमामयी समारोह में वर्ष 2024 के दौरान केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) द्वारा प्रमाणित की गई फिल्मों में से सर्वश्रेष्ठ सिनेमाई प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया. हर वर्ष की तरह इस बार भी हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ समेत विभिन्न भारतीय भाषाओं की फिल्मों का दबदबा देखने को मिला.
कार्तिक-ममूटी बने बेस्ट एक्टर, यामी गौतम को बेस्ट एक्ट्रेस का सम्मान
इस साल अभिनय श्रेणी में कड़ी टक्कर देखने को मिली. स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में मुरलीकांत पेटकर के किरदार को जीवंत करने वाले कार्तिक आर्यन और हॉरर-थ्रिलर फिल्म ‘ब्रमायुगम’ में अपने अभिनय का जादू बिखेरने वाले मलयालम सुपरस्टार ममूटी को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (Best Actor) घोषित किया गया. ममूटी के करियर का यह चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार है.
वहीं, आतंकवाद और राजनीति के संवेदनशील विषय पर बनी फिल्म ‘आर्टिकल 370’ के लिए यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (Best Actress) के राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया है.
‘आर्टिकल 370’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ ने मारी बाजी
फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को इस साल की ‘सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म’ (Best Feature Film) का सर्वोच्च गौरव हासिल हुआ है. इसके साथ ही, विजुअल इफेक्ट्स और भविष्यवादी कहानी पर आधारित ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ को ‘मनोरंजन से भरपूर सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म’ (Best Popular Film Providing Wholesome Entertainment) का पुरस्कार मिला.
तमिल फिल्म ‘अमरन’ के लिए निर्देशक राजकुमार पेरियासामी को सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (Best Director) के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है.
सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता और अभिनेत्री का पुरस्कार
यथार्थवादी अभिनय के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता संजय मिश्रा को फिल्म ‘भक्षक’ में एक खोजी पत्रकार के सहयोगी कैमरापर्सन की भूमिका के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता’ (Best Supporting Actor) चुना गया.
वहीं, ‘सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री’ (Best Supporting Actress) का पुरस्कार कन्नड़ फिल्म ‘मिथ्या’ के लिए रोपाश्री वरकाडी और तमिल फिल्म ‘महाराजा’ के लिए साचना नामीदास को संयुक्त रूप से दिया गया.
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की प्रमुख सूची (Winners List):
- सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म: आर्टिकल 370
- सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म (मनोरंजन से भरपूर): कल्कि 2898 एडी
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (संयुक्त रूप से): कार्तिक आर्यन (चंदू चैंपियन) और ममूटी (ब्रमायुगम)
- सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री: यामी गौतम (आर्टिकल 370)
- सर्वश्रेष्ठ निर्देशक: राजकुमार पेरियासामी (अमरन)
- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता: संजय मिश्रा (भक्षक)
- सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री (संयुक्त रूप से): रोपाश्री वरकाडी (मिथ्या) और साचना नामीदास (महाराजा)
- राष्ट्रीय, सामाजिक और पर्यावरण मूल्यों को बढ़ावा देने वाली सर्वश्रेष्ठ फिल्म: कैप्टन मिलर
- सर्वश्रेष्ठ डेब्यू फिल्म (निर्देशक): स्वातंत्र्य वीर सावरकर (रणदीप हुड्डा)
- सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म: 35 – चिन्ना कथा काडू
- सर्वश्रेष्ठ मूल पटकथा: सुकुमार (पुष्पा 2: द रूल)
- सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखक: वेंकी अटलुरी (लकी भास्कर)
- सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन (गीत): शाश्वत सचदेव (आर्टिकल 370)
- सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशन (बैकग्राउंड स्कोर): जीवी प्रकाश कुमार (अमरन)
- सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी: शेहनाद जलाल (ब्रमायुगम)
- सर्वश्रेष्ठ प्रोडक्शन डिजाइन: नितिन जीहानी चौधरी (कल्कि 2898 एडी)
- सर्वश्रेष्ठ एक्शन कोरियोग्राफी: अनल अरसु (महाराजा)
- सर्वश्रेष्ठ मेकअप आर्टिस्ट: पी. रवि कुमार (कमेटी कुर्रोल्लू)
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का इतिहास
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 1954 में की गई थी. इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय सिनेमा की कलात्मक और तकनीकी उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करना तथा देश की विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं की बेहतरीन फिल्मों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना था. शुरुआत में इसे ‘स्टेट अवॉर्ड फॉर फिल्म्स’ (State Awards for Films) के नाम से जाना जाता था, जो आज भारतीय सिनेमा का सबसे गौरवशाली और प्रतिष्ठित पुरस्कार बन चुका है.
