
देहरादून: उत्तराखंड को स्वच्छता के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम में सीएम धामी ने शहरी विकास विभाग के अंतर्गत चयनित 63 सफाई निरीक्षकों (जिसमें 10 महिलाएँ शामिल हैं) को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही उन्होंने शहरी विकास निदेशालय के लिए 62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले आधुनिक और हरित भवन का शिलान्यास भी किया।
स्वच्छता और व्यवस्था पर सीएम का जोर
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि चारधाम यात्रा और आगामी 2027 के कुंभ मेले को देखते हुए शहरों और तीर्थस्थलों में स्वच्छता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नवनियुक्त सफाई निरीक्षकों से जिम्मेदारी के साथ काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि निकाय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने राज्य में युवाओं को रोजगार देने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि बीते चार वर्षों में 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
9 नवंबर तक ‘कूड़े के पहाड़ों’ से मुक्ति का लक्ष्य
शहरी विकास विभाग के सचिव नितेश झा ने जानकारी दी कि प्रदेश में लीगेसी वेस्ट (पुराने कचरे) के निस्तारण पर तेजी से काम चल रहा है। पिछले एक साल में 25 लाख मीट्रिक टन कचरे में से 45 फीसदी का निस्तारण किया जा चुका है। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि राज्य स्थापना दिवस (9 नवंबर) से पहले उत्तराखंड को लीगेसी वेस्ट से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाएगा।
आधुनिक तकनीक और बेहतर सुविधाएं
सचिव नितेश झा ने बताया कि स्वच्छता मिशन को गति देने के लिए विभाग कई स्तरों पर कार्य कर रहा है:
- जीपीएस गाड़ियाँ: नगर निकायों को कूड़ा उठाने के लिए अब तक 250 जीपीएस इनबिल्ड गाड़ियाँ दी जा चुकी हैं। अगले 6 महीने में 650 और गाड़ियाँ उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे हर निकाय में शत-प्रतिशत कचरा संग्रहण सुनिश्चित होगा।
- हरित विकास: इस वित्तीय वर्ष में प्रदेश के नगर निकायों में 72 पार्क विकसित किए गए हैं, जिनसे 1.30 लाख वर्ग मीटर ग्रीन स्पेस तैयार हुआ है। 31 मार्च से पहले 32 और पार्क स्वीकृत किए जाएंगे।
- पथ प्रकाश (स्ट्रीट लाइट): शहरों में बेहतर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था के लिए 15 योजनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें से 8 को मंजूरी मिल चुकी है, बाकी को भी जल्द मंजूरी दी जाएगी।
- नया निदेशालय भवन: 62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक भवन डेढ़ साल में बनकर तैयार होगा, जिसमें शहरी विकास विभाग के साथ स्मार्ट सिटी और ‘उडा’ (UUSDA) के कार्यालय भी संचालित होंगे।
कोर्ट की बाधा दूर होने के बाद मिली नियुक्ति
सचिव नितेश झा ने स्पष्ट किया कि इन 63 सफाई निरीक्षकों का चयन लोक सेवा आयोग के माध्यम से पहले ही हो चुका था, लेकिन कानूनी अड़चनों के कारण नियुक्ति रुकी हुई थी। कोर्ट से मामला निस्तारित होने के बाद आज इन्हें नियुक्ति पत्र दिए गए हैं। सभी निरीक्षकों को अब ग्राउंड जीरो पर काम करने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
