
रुद्रप्रयाग: आस्था और श्रद्धा के केंद्र भगवान केदारनाथ धाम की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली आज अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से धाम के लिए रवाना हो गई है। विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शुरू हुई इस यात्रा के साथ ही केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया का विधिवत आगाज़ हो गया है।
भक्ति के रंग में रंगा ऊखीमठ
परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार, उत्सव डोली ने मंदिर की परिक्रमा करने के बाद अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय बाबा केदार’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। बाबा की डोली को करीब आठ क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। मंदिर परिसर में उमड़े हजारों भक्तों के जनसमूह ने पुष्प वर्षा कर बाबा केदार का आशीर्वाद लिया। कई श्रद्धालु डोली के साथ पैदल यात्रा पर भी निकले हैं।
ऐसा रहेगा डोली यात्रा का पड़ाव
बाबा की डोली अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए तीन दिनों का सफर तय करेगी:
- 19 अप्रैल: ऊखीमठ से प्रस्थान कर डोली विश्वनाथ मंदिर, गुप्तकाशी होते हुए फाटा पहुँचेगी, जहाँ पहला रात्रि विश्राम होगा।
- 20 अप्रैल: डोली फाटा से रवाना होकर गौरीकुंड स्थित गौरीमाई मंदिर पहुँचेगी।
- 21 अप्रैल: डोली गौरीकुंड से केदारनाथ धाम पहुँचेगी और मंदिर के भंडार में विराजमान होगी।
- 22 अप्रैल 2026: सुबह 8:00 बजे शुभ मुहूर्त में केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
प्रशासन ने कसी कमर: व्यवस्थाएं दुरुस्त
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी एवं बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यात्रा सीजन के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
- सुरक्षा व प्रबंधन: सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
- बुनियादी सुविधाएं: स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और पैदल मार्गों के सुदृढ़ीकरण का काम पूरा कर लिया गया है।
- बर्फ की सफाई: केदारनाथ पैदल मार्ग और धाम परिसर से बर्फ हटाने का काम अंतिम चरण में है ताकि श्रद्धालुओं को असुविधा न हो।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोपरि: विधायक आशा नौटियाल
केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यात्रियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो। पूरे रुद्रप्रयाग जिले में वर्तमान में भारी उत्साह और भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
