
चमोली/देहरादून: उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 का शंखनाद हो चुका है। 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा का औपचारिक आगाज हो गया है। अब आगामी 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने जा रहे हैं, जिसके लिए चमोली पुलिस ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
बदरीनाथ धाम में ATS ने संभाला मोर्चा
बदरीनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए चमोली पुलिस ‘अलर्ट मोड’ पर है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए धाम में आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) को तैनात किया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था की मुख्य बातें:
- मल्टी-लेवल सुरक्षा प्लान: धाम के सभी प्रवेश मार्गों और संवेदनशील क्षेत्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।
- CCTV से निगरानी: प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही है।
- नियमित चेकिंग: संदिग्धों और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नियमित सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
- पुलिस की अपील: चमोली पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निश्चिंत होकर यात्रा करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया है।
22 अप्रैल को खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट
केदारनाथ यात्रा के लिए भी भक्तों में भारी उत्साह है। बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ से रवाना हो चुकी है।
- 20 अप्रैल: डोली गौरीकुंड पहुंचेगी।
- 21 अप्रैल: डोली केदारनाथ धाम पहुंचेगी।
- 22 अप्रैल: सुबह 08:00 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।
23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम में प्रथम दर्शन
चमोली जिले में अलकनंदा नदी के किनारे स्थित भगवान विष्णु के आठवें बैकुंठ ‘बदरीनाथ धाम’ के कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6:15 बजे खोले जाएंगे। प्रशासन ने भारी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की संभावना को देखते हुए दर्शन और यातायात प्रबंधन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
प्रशासन का संदेश:
चमोली पुलिस का कहना है कि यात्रा को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ ही प्रशासन श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
