
रुद्रप्रयाग. बाबा केदार के दर्शनों की आस लेकर हर साल पहुंचने वाले लाखों शिवभक्तों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर है। जल्द ही केदारनाथ धाम की 9 घंटे की कठिन और थका देने वाली पैदल यात्रा सिर्फ 36 मिनट में सिमट जाएगी। शुक्रवार को प्रसिद्ध उद्योगपति गौतम अडानी ने केदारनाथ पहुंचकर इस महात्वाकांक्षी ‘रोपवे प्रोजेक्ट’ का एरियल सर्वे किया।
इस रोपवे के बनने से उन बुजुर्गों, बच्चों और बीमार श्रद्धालुओं का सपना भी आसानी से पूरा हो सकेगा, जो शारीरिक दिक्कतों के कारण पैदल यात्रा नहीं कर पाते थे।
दर्शन के साथ-साथ विकास का जायजा
अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी अपनी पत्नी प्रीति अडानी के साथ शुक्रवार सुबह हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम पहुंचे। यहां उन्होंने पूरे विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की और देश की समृद्धि की कामना की। वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश चंद्र पोस्ती ने बताया कि दर्शन के बाद अडानी परिवार ने सोनप्रयाग से केदारनाथ तक प्रस्तावित रोपवे मार्ग का एरियल सर्वे कर तैयारियों का जायजा लिया।
पॉइंट्स में जानिए, शिवभक्तों के लिए क्यों खास है यह रोपवे:
- घंटों का सफर मिनटों में: सोनप्रयाग से केदारनाथ तक का सफर अभी पैदल तय करने में करीब 9 घंटे लगते हैं। रोपवे शुरू होने के बाद भक्त मात्र 36 मिनट में बाबा के दर पर पहुंच जाएंगे।
- दुनिया के सबसे ऊंचे रोपवे में से एक: यह रोपवे लगभग 11,500 फीट की ऊंचाई पर बनेगा, जो इंजीनियरिंग का एक अद्भुत उदाहरण होगा।
- लंबाई और निर्माण: 12.9 किलोमीटर लंबे इस रोपवे को बनाने का जिम्मा अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) को सौंपा गया है।
वीआईपी मूवमेंट, फिर भी आम श्रद्धालुओं को नहीं हुई कोई परेशानी
अक्सर वीआईपी दौरों के समय आम जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन शुक्रवार को केदारनाथ में प्रशासन की बेहतरीन व्यवस्था देखने को मिली। गौतम अडानी के दौरे के दौरान भी आम श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था बिल्कुल प्रभावित नहीं हुई। सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही और सभी भक्तों ने आसानी से दर्शन किए।
आस्था के रिकॉर्ड टूट रहे
इन दिनों केदारनाथ यात्रा अपने चरम पर है। खराब मौसम, बारिश और ठंड जैसी चुनौतियों के बावजूद भक्तों की आस्था डिगी नहीं है। 30 अप्रैल तक ही करीब ढाई लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। प्रशासन ने पूरे यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के शानदार इंतजाम किए हैं, ताकि हर भक्त सुरक्षित और सुगम यात्रा कर सके।
