
हरिद्वार। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (रिटायर्ड) भुवन चंद्र खंडूड़ी का बुधवार को हरिद्वार के खड़खड़ी श्मशान घाट पर सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने नम आंखों से चिता को मुखाग्नि दी। इस विदाई बेला पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और सांसद अनिल बलूनी समेत तमाम कैबिनेट मंत्रियों, सांसदों व वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
देश सेवा और अनुशासन की मिसाल थे खंडूड़ी
हरिद्वार के गंगा घाट पर अंतिम विदाई के दौरान माहौल बेहद भावुक रहा. सेना के जवानों ने मेजर जनरल (रिटायर्ड) खंडूड़ी को मातमी धुन के साथ अंतिम सलामी दी. उपस्थित जनसमूह ने नम आंखों से देश और प्रदेश के विकास में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया.
दिग्गजों ने साझा किए संस्मरण: किसने क्या कहा?
- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी: “भुवन चंद्र खंडूड़ी जी का जाना हमारे लिए एक अभिभावक को खोने जैसा है. उनका मार्गदर्शन समय-समय पर हमें मिलता रहा है. उनकी इस कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता, लेकिन उनके दिखाए आदर्श सदैव हमारा पथ प्रदर्शन करेंगे.”
- केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर: “खंडूड़ी जी ने सेना, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में देश की अनुकरणीय सेवा की है. वह बेहद सुलझे हुए और तपस्वी व्यक्तित्व वाले राजनेता थे, जिनके कार्यकाल को इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा.”
- पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी: “वह चरित्र, अनुशासन और विकास के प्रतीक थे. उनके द्वारा स्थापित किए गए उच्च आदर्श और विकासपरक नीतियां आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक का काम करेंगी.”
- सांसद अनिल बलूनी: “देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में उनका योगदान ऐतिहासिक है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में ‘स्वर्णिम चतुर्भुज योजना’ के तहत सड़कों का जो जाल बिछाया गया, उसके पीछे खंडूड़ी जी की ही दूरदृष्टि थी.”
इस दुखद अवसर पर कई कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक और सैन्य अधिकारी भी दिवंगत नेता को नमन करने हरिद्वार पहुंचे थे.
