
हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार जिला अंतर्गत श्यामपुर रेंज में दो बाघों की दर्दनाक मौत से वन महकमे और शासन स्तर पर हड़कंप मच गया है। श्यामपुर कम्पार्टमेंट संख्या 9 की सजनपुर बीट में एक नर और एक मादा बाघ के शव मिलने के बाद हड़कंप है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन मंत्री सुबोध उनियाल खुद घटनास्थल पर पहुंचे और अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस मामले में अब तक एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि तीन फरार आरोपियों की तलाश में टीमें उत्तराखंड से बाहर भी दबिश दे रही हैं।
खास बातें:
- बड़ी साजिश: भैंस के शिकार का बदला लेने के लिए आरोपियों ने शव पर जहर छिड़का, जिसे खाने से दो साल के नर और मादा बाघ की मौत हो गई।
- क्रूरता की हद: मृत बाघों के चारों पैर कटे मिले; रात के अंधेरे में खाल और दांत निकालने की तैयारी में थे आरोपी।
- कड़ा रुख: वन मंत्री ने घटनास्थल का मुआयना किया; कहा— विभागीय लापरवाही मिलने पर सीधे सस्पेंड किए जाएंगे अधिकारी।
भैंस के शिकार का बदला लेने के लिए दिया जहर
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वन गुर्जरों की एक भैंस का शिकार बाघिन ने किया था। इसी का बदला लेने के लिए आरोपियों ने भैंस के शव पर खतरनाक जहरीला पदार्थ छिड़क दिया। जब बाघों के झुंड ने इस मांस को खाया, तो जहर के असर से उनकी मौत हो गई।
वन कर्मियों को सोमवार शाम गश्त के दौरान पहले करीब दो साल के एक नर बाघ का शव मिला। इसके ठीक अगले दिन मंगलवार को उसी इलाके के पास मादा बाघ का भी शव बरामद हुआ।
चारों पैर कटे मिले, खाल-दांत निकालने की थी साजिश
इस वारदात में शिकारियों की बड़ी साजिश बेनकाब हुई है। मृत मिले दोनों बाघों के चारों पैर कटे हुए थे। हालांकि, उनकी खाल और दांत सुरक्षित पाए गए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी रात के अंधेरे में बाघ की खाल उतारने और दांत निकालने की फिराक में थे। लेकिन वन विभाग को मुखबिर से संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिल गई, जिसके बाद त्वरित सर्च ऑपरेशन चलाकर एक वन गुज्जर को गिरफ्तार कर लिया गया। वन विभाग की मुस्तैदी से बाघ की खाल और दांत तस्करों के हाथ लगने से बच गए।
वन मंत्री ने दी निलंबन की चेतावनी
उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने घटनास्थल का मुआयना कर अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। वन मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि इस मामले में विभागीय स्तर पर किसी भी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसे तुरंत सस्पेंड किया जाए।
“यह बेहद घृणित और अमानवीय मामला है। इसकी गहनता से जांच कराई जा रही है। किसी भी स्तर पर विभागीय लापरवाही पाए जाने पर सीधे निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। वन्यजीवों के साथ इस तरह की क्रूरता को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”— सुबोध उनियाल, वन मंत्री, उत्तराखंड
फरार आरोपियों की तलाश में बाहरी राज्यों में दबिश
वारदात के बाद कई वन गुज्जर अपने डेरे छोड़कर फरार हो गए हैं। पुलिस और वन विभाग की अलग-अलग टीमें फरार चल रहे तीन आरोपियों की तलाश में उत्तराखंड के साथ-साथ बाहरी राज्यों में भी छापेमारी कर रही हैं। वन गुर्जरों के विस्थापन के सवाल पर वन मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है और अदालती फैसले के बाद ही सरकार इस पर कोई निर्णय लेगी।
